अगर आप भी मोबाइल पर गेम खेलकर या फैंटेसी लीग में टीम बनाकर लाखों रुपये जीत रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़े झटके जैसी हो सकती है। हाल के दिनों में ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं जहां ऑनलाइन गेमिंग से पैसे जीतने वाले लोगों के बैंक खाते अचानक फ्रीज कर दिए गए हैं। बिना किसी गलती के खाता ब्लॉक होने से काफी लोग परेशान भी हैं। वही पिथौरागढ़ पुलिस के साइबर सेल निरीक्षक नीरज भाकुनी ने इस मामले पर बात-चीत की और ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी में पैसा लगाने वालों को चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या ऑनलाइन प्लेटफार्म से मिलने वाली रकम को अपने बैंक खाते में लेने से बचें।
खाते पर कार्रवाई की कही बात
वही उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिनमें खाताधारक खाता फ्रीज होने के बाद आवेदन देकर कहते हैं कि खाते में आई रकम ऑनलाइन गेमिंग में जीती गई है और उसे रिलीज किया जाए। हालांकि कई बार साइबर ठगी से हासिल रकम अलग-अलग बैंक खातों के जरिए आगे भेजी जाती है और यही रकम किसी व्यक्ति के खाते में गेमिंग की जीत के रूप में पहुंच सकती है। उनका कहना है कि पुलिस ने साफ किया है कि सिर्फ गेमिंग से जीती हुई रकम बताने से विवादित राशि रिलीज नहीं होगी। जांच में रकम के स्रोत और लेन-देन की प्रकृति को देखा जाएगा। अवैध लेन-देन से जुड़ी रकम पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की सलाह न पैसा लगाएं, न संदिग्ध रकम लें
साइबर सेल ने लोगों से ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के लालच से बचने की अपील की है। वही पुलिस का कहना है कि अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति के लेन-देन के लिए इस्तेमाल न होने दें और किसी संदिग्ध स्रोत से पैसा प्राप्त न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध साइबर लेन-देन या धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करें या नजदीकी साइबर सेल से संपर्क करें।
खाता फ्रीज हो जाए तो क्या करें
बैंक से पूरी जानकारी लें: अपनी बैंक शाखा में जाएं और पता करें कि खाता किस साइबर सेल (राज्य और जिला) के आदेश पर फ्रीज किया गया है।
बैंक से Complaint ID (Notice Number) और जांच अधिकारी (IO) का ईमेल या फोन नंबर मांगें।
गेमिंग का सबूत जुटाएं:
अपने गेमिंग ऐप का स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, गेम की आईडी और बैंक स्टेटमेंट का प्रिंट निकाल लें। यह इस बात का सबूत है कि आपने कोई ठगी नहीं की, बल्कि गेम खेलकर पैसा जीता है।
साइबर सेल से संपर्क करें:
संबंधित साइबर सेल को एक ईमेल लिखें या वहां जाकर जांच अधिकारी को अपने सारे सबूत दिखाएं। उन्हें समझाएं कि आप एक वैध खिलाड़ी हैं और आपको इस फ्रॉड के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
कानूनी मदद लें:
यदि पुलिस आपकी बात नहीं सुन रही है, तो किसी साइबर लॉ एक्सपर्ट (वकील) की मदद लें, जो अदालत के जरिए आपका खाता अनफ्रीज करवा सके। भविष्य में सुरक्षित रहने के टिप्ससिर्फ रजिस्टर्ड ऐप्स का उपयोग करें
टेलीग्राम और व्हाट्सएप लिंक से बचें:
आजकल टेलीग्राम पर कई ग्रुप्स गेमिंग और बेटिंग के जरिए पैसे डबल करने का दावा करते हैं, इनके जरिए कभी भी पैसे न निकालें।
पैन और केवाईसी (KYC):
सुनिश्चित करें कि जिस गेमिंग ऐप का आप इस्तेमाल कर रहे हैं, उसने आपकी पूरी केवाईसी (KYC) प्रक्रिया की हो।
Edited by- Shivani Gupta