मखाना एक हल्का और पसंदीदा स्नैक है, लेकिन इसे खुला छोड़ने पर इसकी कुरकुराहट ज्यादा देर तक कायम नहीं रहती। हवा में मौजूद नमी धीरे-धीरे मखाने में समा जाती है, जिससे वह नरम लगने लगता है और उसका स्वाद भी पहले जैसा नहीं रहता। बरसात या अधिक नमी वाले मौसम में यह समस्या और जल्दी हो सकती है। हालांकि, अगर मखाना केवल नमी की वजह से सॉफ्ट हुआ है और उसमें खराब होने के संकेत नहीं हैं, तो उसे दोबारा रोस्ट करके क्रिस्पी बनाया जा सकता है।
पहले मखाने की जांच करें
सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि मखाना केवल नमी के कारण नरम हुआ है या वास्तव में खराब हो चुका है। अगर उसमें किसी तरह की फफूंदी नहीं है, रंग सामान्य है और उससे अजीब या खराब गंध नहीं आ रही, तो उसे दोबारा भूनना सुरक्षित हो सकता है। वहीं, बासी या अप्रिय गंध, फंगस या स्वाद में असामान्य बदलाव नजर आए तो उसे खाने से बचें। कई बार कंटेनर ठीक से सील न होने या पैकेट लंबे समय तक खुला रहने से मखाना हवा की नमी सोख लेता है। ऐसे मामले में उसकी क्रिस्पनेस वापस लाई जा सकती है।
पैन को हल्का गर्म करें
मखाने को फिर से कुरकुरा करने के लिए भारी तले वाली कड़ाही या नॉन-स्टिक पैन लिया जा सकता है। पैन को खाली ही मध्यम से धीमी आंच पर लगभग एक-दो मिनट गर्म करें। बहुत तेज आंच रखने से मखाना बाहर से जल्दी भुन सकता है, जबकि उसकी अंदरूनी नमी पूरी तरह नहीं निकल पाएगी। पैन गर्म होने के बाद उसमें नरम पड़े मखाने डाल दें और धीमी आंच पर रोस्ट करना शुरू करें।
कुछ मिनट तक ड्राई रोस्ट करें
मखाने को बिना पानी के सूखा भूनें। आमतौर पर करीब 5 से 7 मिनट की रोस्टिंग पर्याप्त हो सकती है, हालांकि समय मखाने की नमी और मात्रा के अनुसार थोड़ा कम-ज्यादा हो सकता है। रोस्ट करते समय मखाने को लगातार चलाते रहें या पैन को हल्के हाथ से हिलाते रहें, ताकि सभी टुकड़ों को बराबर गर्मी मिले। उन्हें एक ही जगह छोड़ देने पर कुछ मखाने जल सकते हैं। चूंकि उद्देश्य सिर्फ अतिरिक्त नमी हटाना है, इसलिए पहले से भुने मखाने को जरूरत से ज्यादा देर तक पकाने की आवश्यकता नहीं है।
कैसे पता चलेगा कि मखाना तैयार है?
रोस्टिंग के दौरान एक-दो मखाने निकालकर थोड़ी देर ठंडा होने दें। इसके बाद उन्हें चखकर देखें। अगर वे आसानी से टूट रहे हैं और खाते समय अच्छी क्रंच महसूस हो रही है, तो समझें कि नमी काफी हद तक निकल चुकी है। गर्म मखाने का टेक्सचर तुरंत जांचने के बजाय उन्हें एक-दो मिनट ठंडा करके देखना बेहतर होता है। ठंडा होने के बाद उनकी वास्तविक कुरकुराहट का बेहतर अंदाजा मिलता है।
गर्म मखाने को तुरंत एयरटाइट डिब्बे में न रखें
दोबारा क्रिस्पी किए गए मखाने को तुरंत बंद कंटेनर में भर देना उनकी मेहनत से वापस आई कुरकुराहट को फिर से कम कर सकता है। गर्म मखानों से निकलने वाली भाप एयरटाइट डिब्बे के अंदर फंस सकती है और बाद में नमी में बदलकर मखाने को दोबारा नरम कर सकती है। इसलिए रोस्ट करने के बाद मखानों को प्लेट या ट्रे में एक परत में फैला दें और उन्हें पूरी तरह कमरे के तापमान तक ठंडा होने दें। गर्म मखानों को एक जगह ऊंचा ढेर बनाकर रखने से भी बचें। पूरी तरह ठंडे होने के बाद ही उन्हें साफ और अच्छी तरह बंद होने वाले एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।
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Written By Toshi Shah