नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। बता दें कि फॉक्स न्यूज को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि अगर तेहरान वाशिंगटन के साथ कोई नया समझौता करने में विफल रहता है, तो अमेरिकी सेना ईरान के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर खासकर उसके प्रमुख पुलों (Bridges) और पावर प्लांट्स (Power Plants) को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह तबाह कर सकती है।

'काम खत्म करूंगा, दोबारा खड़ा होने में लगेंगे सालों'
फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने सैन्य विकल्पों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अगर वे डील नहीं करते हैं, तो मैं वापस जाऊंगा और काम पूरा (Finish the job) करूंगा। उन्हें इसे फिर से बनाने में कई साल लग जाएंगे। इतना ही नहीं ट्रंप ने ये भी कहा कि पुलों को निशाना बनाना अमेरिका के लिए बेहद आसान और त्वरित विकल्प है। आपको बता दें कि इस दौरान
उन्होंने ये भी दावा किया कि अमेरिकी सेना कुछ ही समय में ईरान के मुख्य पुलों को ध्वस्त कर सकती है।

पावर प्लांट्स सबसे कठिन लक्ष्य, लेकिन डिसेलिनेशन प्लांट से दूरी
ट्रंप ने बताया कि पावर प्लांट्स को निशाना बनाना ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता को दीर्घकालिक झटका देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे मुश्किल काम पावर प्लांट बनाना है और सबसे ज्यादा समय पुलों को दोबारा खड़ा करने में लगता है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे ईरान के डिसेलिनेशन (समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले) प्लांट्स पर हमला नहीं करेंगे। उन्होंने तर्क दिया कि इससे वहां की आम जनता को सीधा नुकसान पहुंचेगा, जिसे वे नहीं चाहते। उनका मकसद सिर्फ सैन्य और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाना है।

इजराइली पीएम नेतन्याहू को लेकर क्या बोले ट्रंप?
इंटरव्यू में ट्रंप से इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (बीबी) की व्हाइट हाउस यात्रा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी खुफिया जानकारियों को लेकर भी सवाल किया गया। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि नेतन्याहू ईरान के परमाणु ठिकानों (जैसे पिकैक्स माउंटेन/Pickaxe Mountain) के संबंध में नई खुफिया जानकारी अमेरिका के साथ साझा करना चाहते हैं। इस पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को इस संबंध में किसी अतिरिक्त रिपोर्ट की जरूरत नहीं है, क्योंकि अमेरिकी एजेंसियां पहले से ही ईरान की हर गतिविधि पर बारीक नजर रख रही हैं।

सार्वजनिक बयानबाजी पर सवाल
ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि मुझे यह बताने के लिए बीबी (नेतन्याहू) की जरूरत नहीं है। बीबी मुझे यह इसलिए बता रहे हैं क्योंकि वह चाहते हैं कि मैं इसमें शामिल रहूं। मैंने उन्हें सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करते सुना, तो मैंने पूछा कि आपने मुझे सीधे क्यों नहीं बताया? दुनिया के सामने घोषणा करने की क्या जरूरत थी?

पिकैक्स माउंटेन पर अमेरिकी रुख
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) स्थित भूमिगत परमाणु ठिकाने की एक-एक गतिविधि की अमेरिका को जानकारी है। अगर ईरान ने समझौते की राह नहीं चुनी, तो उस ठिकाने को भी नष्ट करने से अमेरिका पीछे नहीं हटेगा। 

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Written By Shailesh Yadav