-रावलपिंडी। पाकिस्तान में बढ़ती पेट्रोल कीमतों, महंगाई और भारी करों को लेकर जनता का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। रावलपिंडी और आसपास के कई जिलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार से तत्काल राहत देने की मांग की।
जमात-ए-इस्लामी ने किया प्रदर्शन
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, ये प्रदर्शन जमात-ए-इस्लामी (JI) के प्रमुख हाफिज नईमुर रहमान के आह्वान पर आयोजित किए गए।
रावलपिंडी के मरी रोड स्थित लियाकत बाग में जमात-ए-इस्लामी पंजाब के प्रमुख तारिक सलीम के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की आर्थिक नीतियों और लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों की आलोचना की।
महंगाई और अत्यधिक कराधान के खिलाफ प्रदर्शन
तारिक सलीम ने कहा कि 475 गांवों और शहरी बस्तियों के लोग महंगाई और कथित अत्यधिक कराधान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर मजदूरों, छात्रों और मोटरसाइकिल चालकों पर पड़ रहा है, जो रोजमर्रा की आवाजाही के लिए सस्ते ईंधन पर काफी निर्भर हैं।
समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की आशंका
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जमात-ए-इस्लामी नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने महंगाई और करों से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो जनता का बढ़ता असंतोष बड़े आंदोलनों का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संसाधनों का इस्तेमाल आम नागरिकों के हित में होना चाहिए, न कि राजनीतिक और आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोगों के एक छोटे वर्ग के लिए।
प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि कई परिवारों के लिए भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीदना मुश्किल होता जा रहा है, जबकि सरकार के नेता भारी खर्च कर रहे हैं।
पेट्रोलियम लेवी और करों को वापस लेने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उन पेट्रोलियम लेवी और करों को वापस लेने की मांग की, जिन्हें उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया। तारिक सलीम ने घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में इतनी वृद्धि नहीं हुई है, जितनी पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में की गई है।
प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं की हिरासत का मुद्दा भी उठाया गया। पार्टी नेताओं ने प्रदर्शन में शामिल लोगों की रिहाई की मांग की।
हजारा डिवीजन में भी प्रदर्शन
अशांति केवल रावलपिंडी तक सीमित नहीं रही। हजारा डिवीजन में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए और कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया। काराकोरम हाईवे को पांच अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिया, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
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बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों और करों के खिलाफ हुए इन प्रदर्शनों ने पाकिस्तान में जनता के बीच बढ़ते आर्थिक असंतोष को उजागर किया है।
Written By: Pradeep Singh