दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए हैं। इस कार्रवाई के तहत 40 से अधिक मेडिकल, पैरामेडिकल और प्रशासनिक कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है। साथ ही विभिन्न सरकारी अस्पतालों से 12 वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की नई नियुक्ति CPA में की गई है। सरकार के अनुसार, CPA के कार्यों को लेकर प्राप्त शिकायतों और अनियमितताओं की रिपोर्टों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। इसके आधार पर सुधारात्मक कदम उठाते हुए व्यापक स्तर पर तबादले किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े किसी भी प्रकार के कदाचार या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
10 चिकित्सकों का हुआ तबादला
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, CPA में कार्यरत 10 चिकित्सकों का तबादला किया गया है, जिनमें कार्यालय प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, लैब सहायक और ड्राइवर सहित 19 पैरामेडिकल कर्मचारियों को भी अन्य स्थानों पर भेजा गया है। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सेक्शन ऑफिसर, सीनियर असिस्टेंट और जूनियर असिस्टेंट स्तर के 10 कर्मचारियों का भी स्थानांतरण किया गया है। समीक्षा के दौरान ऐसे कर्मचारियों की भी पहचान की गई जो वेतन CPA से प्राप्त कर रहे थे, लेकिन उनकी सेवाएं अन्य स्थानों पर ली जा रही थीं।
12 चिकित्सा अधिकारियों को को किया गया CPA नियुक्त
सरकार ने सुधार प्रक्रिया के तहत विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से 12 चिकित्सा अधिकारियों को CPA में नियुक्त किया है। इनमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO) और चिकित्सा अधिकारी (MO) स्तर के अधिकारी शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत परियोजना शाखा, खरीद एवं भंडारण शाखा, कंप्यूटर सेल, मोबाइल हेल्थ सेवाएं, जन शिकायत निवारण प्रणाली, सूचना का अधिकार (RTI) मामलों तथा अस्पतालों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां भी अधिकारियों को सौंपी गई हैं।
सीएम रेखा गुफ्ता ने कही ये बात
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद एवं वितरण प्रणाली को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि राजधानी के लोगों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। गौरतलब है कि CPA स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत एक महत्वपूर्ण एजेंसी है, जो सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं, इंजेक्शन, जांच किट, चिकित्सा उपकरणों और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद तथा आपूर्ति का कार्य संभालती है। बता दें कि हाल ही में एजेंसी से संबंधित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद उसके कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसके परिणामस्वरूप यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कदमों का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
Written By Toshi Shah