तमिलनाडु के तूतीकोरिन (थूथुकुडी) जिले में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत को लेकर विवाद बढ़ गया है। अमुधा नगर के रहने वाले 26 वर्षीय अरुणाचलम को 17 जुलाई को थेनबगम पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के आरोप में हिरासत में लिया था। पुलिस का कहना था कि TASMAC शराब दुकान बंद होने के बाद वह गैरकानूनी तरीके से शराब बेच रहा था और उसके पास से लगभग 120 शराब की बोतलें मिली थीं।
अरुणाचलम की इलाज के दौरान मौत
पुलिस ने पूछताछ के लिए अरुणाचलम को थाने लाया। उसी दिन बाद में उसे सिर और पैरों में चोटों के साथ तूतीकोरिन सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसकी मां परमेश्वरी को बेटे के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। कई दिनों तक इलाज के बाद गुरुवार सुबह अरुणाचलम ने दम तोड़ दिया। बता दें कि मौत के बाद परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का दावा है कि अरुणाचलम को हिरासत के दौरान बुरी तरह पीटा गया, जिसके कारण उसे गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
चार पुलिसकर्मियों ने की पिटाई- मां का आरोप
अरुणाचलम की मां परमेश्वरी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में उन्हें बताया था कि उनका बेटा शराब की बोतलें लेकर जाते समय गिर गया था, जिससे उसे चोट लगी। लेकिन जब वह अस्पताल पहुंचीं तो डॉक्टरों ने तुरंत सिर का ऑपरेशन करने की तैयारी शुरू कर दी और उसके बाल हटाने की बात कही। परमेश्वरी का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के समय तक उनका बेटा बातचीत कर पा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि चार पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई की थी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वह अपने बेटे का शव स्वीकार नहीं करेंगी। परिवार ने यह भी साफ किया कि अरुणाचलम को पहले कभी मिर्गी या इस तरह की कोई बीमारी नहीं थी।
इलाज के दौरान सामने आए वीडियो से बढ़ा विवाद
इस मामले में अस्पताल में इलाज के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में अरुणाचलम पुलिस द्वारा सिर पर हमला किए जाने की बात बता रहा है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हिरासत में कथित प्रताड़ना के आरोपों को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। परिवार और कई संगठनों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
पुलिस ने आरोपों से अलग बताई पूरी घटना
तमिलनाडु पुलिस ने मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 17 जुलाई की शाम करीब 5:50 बजे अरुणाचलम को सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस के अनुसार, डॉक्टरों ने उसकी जांच के बाद उसे स्वस्थ बताया था और मेडिकल रिपोर्ट में किसी बाहरी चोट का उल्लेख नहीं किया गया था।
लॉकअप में अचानक गिरा अरुणाचलम- पुलिस
पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच के बाद अरुणाचलम को वापस थाने लाया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अन्य बंदियों के साथ लॉकअप में रखा गया। पुलिस के मुताबिक, लॉकअप में मौजूद लोगों से बातचीत के दौरान वह अचानक गिर गया। पुलिस ने दावा किया है कि यह घटना थाने में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है और जांच में यह फुटेज अहम भूमिका निभा सकती है।
राजनीतिक दलों ने उठाए सवाल
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। DMK की उप महासचिव और तूतीकोरिन सांसद कनिमोझी ने इसे बेहद गंभीर और दुखद घटना बताया, उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी में कथित हिरासत में मौत के मामले के कुछ ही समय बाद तूतीकोरिन से ऐसी घटना सामने आना चिंता का विषय है, उन्होंने राज्य सरकार से मामले में जवाब देने और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की। कनिमोझी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों पर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।
बीजेपी ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल
वहीं बीजेपी नेता विनोज पी. सेल्वम ने भी सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी के सबरी की हिरासत में मौत के बाद इतनी जल्दी एक और मामला सामने आना गंभीर चिंता की बात है, उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस पर लग रहे ऐसे आरोपों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जनता में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ सकती है। बीजेपी नेता ने दोनों कथित हिरासत मौत मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की।
Written By Toshi Shah