Jhansi News: हजरत निजामुद्दीन से झांसी जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने परोसे गए दूध की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेन में उन्हें जो दूध दिया गया, उसका स्वाद और स्वरूप सामान्य नहीं था। तथा वह किसी केमिकल मिश्रित पदार्थ जैसा प्रतीत हो रहा था। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया। रेल मंत्रालय तथा IRCTC से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
राजेंद्र पाल गौतम ने की कार्रवाई की मांग
राजेंद्र पाल गौतम का कहना है कि यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली खाद्य एवं पेय सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से दूध के नमूने की प्रयोगशाला में जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
वीडियो साझा कर रेल मंत्री और IRCTC से की शिकायत
कांग्रेस नेता ने अपने आरोपों के समर्थन में एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए रेल मंत्री और IRCTC को टैग किया। पोस्ट में उन्होंने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है और इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
किराया प्रीमियम और दूध केमिकल जैसा? यूपी कांग्रेस प्रभारी श्री राजेंद्र पाल गौतम जी के साथ वंदे भारत में शर्मनाक वाकया!
— UP Congress (@INCUttarPradesh) July 11, 2026
हज़रत निज़ामुद्दीन से झाँसी जाने वाली देश की प्रीमियम ट्रेन 'वंदे भारत एक्सप्रेस' (22470) में वीआईपी सर्विस के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। इस ट्रेन में सफर… pic.twitter.com/LTi3xeztSU
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि, अब तक इस मामले में यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि परोसा गया दूध वास्तव में मिलावटी था या उसमें किसी प्रकार का केमिकल मिला हुआ था। फिलहाल यह दावा केवल कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम द्वारा लगाया गया आरोप है। संबंधित अधिकारियों की ओर से दूध की गुणवत्ता या जांच रिपोर्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यात्रियों की खाद्य सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन बना चर्चा का विषय
यह घटना एक बार फिर ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन और पेय पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और उच्च गुणवत्ता वाला खानपान उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है। ऐसे में यदि किसी यात्री द्वारा खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाते हैं तो उनका गंभीरता से परीक्षण किया जाना आवश्यक माना जाता है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
वहीं इस पूरे मामले में सभी की नजर रेलवे और IRCTC की संभावित जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया पर है। दूध के कथित रूप से केमिकल जैसा होने का दावा अभी सत्यापित नहीं हुआ है। ऐसे में जांच पूरी होने और अधिकृत रिपोर्ट सामने आने तक इसे एक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। जांच के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में कितना तथ्य है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
Written By: Geeta Sharma