पाकिस्तान में आर्थिक संकट, बढ़ती बेरोजगारी और शासन व्यवस्था को लेकर युवाओं के बीच असंतोष लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी माहौल में सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आए ‘कॉकरोच’ (Cockroach) नामक युवा आंदोलन ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आंदोलन का दावा है कि वह भ्रष्टाचार, राजनीतिक वर्चस्व और अपारदर्शी शासन व्यवस्था के खिलाफ युवाओं की आवाज बनना चाहता है। सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है और इसके इंस्टाग्राम पेज से बड़ी संख्या में लोग जुड़ चुके हैं।
भ्रष्टाचार और राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ अभियान
इस समूह का कहना है कि पाकिस्तान वहां की जनता का है, न कि भ्रष्ट तंत्र और राजनीतिक माफिया का। आंदोलन पारदर्शी शासन, लोकतांत्रिक सुधार, समान अवसर और जवाबदेही की मांग कर रहा है। खासतौर पर युवा वर्ग इस अभियान को समर्थन देता दिखाई दे रहा है। संगठन का दावा है कि उसका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की मांग उठाना है।
मोहसिन नकवी ने सरकार को किया आगाह
पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान इस आंदोलन का जिक्र करते हुए अपनी ही सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें युवा कहा जाए, ‘कॉकरोच’ कहा जाए या किसी और नाम से पुकारा जाए, यदि वे एकजुट हो गए तो व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
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नकवी ने कहा, अगर ये कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो सबकुछ बदल सकते हैं। वे चाहते हैं कि सिस्टम ठीक से काम करे। उन्हें न्याय, मेरिट के आधार पर नौकरियां, रोजगार के अवसर और सरकारी सेवाओं तक समान पहुंच मिले। हम अपने युवाओं को यह सब नहीं दे पाए हैं।
युवाओं की मांगों को पूरा करने पर जोर
गृहमंत्री ने स्वीकार किया कि युवाओं की अपेक्षाएं बहुत जटिल नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार को मेरिट आधारित भर्ती, रोजगार के अवसर और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो व्यापक असंतोष और विरोध की स्थिति पैदा हो सकती है।
आर्थिक संकट और व्यवस्था की नाकामी का जिक्र
अपने संबोधन में नकवी ने पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने माना कि देश लंबे समय से आर्थिक कमजोरी, कर्ज, बेरोजगारी और विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहा है। उनके अनुसार, इन समस्याओं का असर सबसे अधिक युवाओं पर पड़ा है, जिससे उनमें निराशा बढ़ी है।
70 साल पुराने सिस्टम में बदलाव की जरूरत
नकवी ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पाकिस्तान की मौजूदा शासन व्यवस्था अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि दशकों पुराने प्रशासनिक ढांचे में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। उनके अनुसार, केवल शीर्ष नेतृत्व के अधिक घंटे काम करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे सिस्टम को प्रभावी और जवाबदेह बनाने की जरूरत है।
Written By: Geeta Sharma