उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी में लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को बिना किसी बाधा के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन,किसानों,व्यापारियों और उद्योगों को किसी भी प्रकार की बिजली समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए ऊर्जा विभाग और सभी डिस्कॉम पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें।
बिजली कटौती पर मुख्यमंत्री ने की बैठक
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल उत्पादन क्षमता अब बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है। इसमें अनपरा, ओबरा, हरदुआगंज, परीछा, जवाहरपुर और पनकी जैसे तापीय विद्युत गृहों की 9,120 मेगावाट क्षमता शामिल है। इसके अलावा जल विद्युत परियोजनाओं से 526.4 मेगावाट तथा मेजा, घाटमपुर और खुर्जा परियोजनाओं से 3,742 मेगावाट बिजली प्राप्त हो रही है। साथ ही गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से लगभग 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी उत्पादन इकाइयों की अधिकतम क्षमता के उपयोग और बेहतर रखरखाव व्यवस्था के निर्देश दिए।
ट्रांसमिशन नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क को आधुनिक और भरोसेमंद बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं तथा 715 उपकेंद्रों के माध्यम से 2,05,632 एमवीए क्षमता उपलब्ध है। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत दर्ज की गई है और पारेषण हानियां घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में तकनीकी बाधाओं को न्यूनतम रखा जाए और ट्रांसमिशन व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: सीएम योगी
उन्होंने बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बाधित होने या शिकायत निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में आए आंधी-तूफान के दौरान प्रभावित हुए सब-स्टेशनों और फीडरों की त्वरित मरम्मत को सराहनीय बताते हुए उन्होंने भविष्य में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
ट्रांसफॉर्मर क्षति की घटनाओं में आई कमी
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2022-23 की तुलना में ट्रांसफॉर्मर क्षति की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। पावर ट्रांसफॉर्मर क्षति की संख्या 429 से घटकर 87 रह गई है। इसी प्रकार बड़े वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षति दर में भी काफी कमी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने इसका श्रेय बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, समयबद्ध मरम्मत और जवाबदेही तय किए जाने को दिया।
प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग
प्रदेश में बिजली मांग लगातार बढ़ रही है। अप्रैल और मई में तापमान बढ़ने के कारण बिजली की औसत मांग 501 मिलियन यूनिट प्रतिदिन से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट प्रतिदिन पहुंच गई है। वहीं पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद कर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर सीएम ने की बात
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था और उपभोक्ता सेवाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल उपलब्ध कराना और शिकायतों का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि किसानों की सिंचाई, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसलिए प्रदेशवासियों को गर्मी में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
Written By: Geeta Sharma