पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख दलों ने प्रचार अभियान को पूरी ताकत से मैदान में उतार दिया है। इसी क्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान भी सक्रिय हो गए हैं। एनडीए सहयोगी होने के नाते उनकी पार्टी ने बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए विशेष टीम का गठन किया है।

बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में एलजेपी ने बनाई प्रचार टीम

एलजेपी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने प्रचार अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। पार्टी ने डॉ. प्रकाश चंद्रा को प्रचार अभियान का प्रभारी बनाया है, जबकि विष्णु देव पासवान और अमित रानू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व ने सभी पदाधिकारियों को तत्काल चुनावी जिम्मेदारी संभालने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में अधिक से अधिक जनसमर्थन जुटाया जा सके।

नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई सीट

बांकीपुर विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद कराया जा रहा है। राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी थी, जिससे यह सीट रिक्त हो गई। नितिन नवीन लगातार चार बार बांकीपुर से विधायक रहे हैं और इस क्षेत्र में बीजेपी का मजबूत जनाधार माना जाता है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि इसके बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।

बांकीपुर में बीजेपी बनाम जनसुराज की सीधी टक्कर

इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और जनसुराज के बीच माना जा रहा है। जनसुराज की ओर से पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर चुनावी मैदान में हैं। वहीं बीजेपी ने पहले अभिषेक कुमार को उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया।

नामांकन से पोस्टर विवाद तक गरमाया चुनावी माहौल

13 जुलाई को नामांकन के दौरान प्रशांत किशोर और नीरज कुमार सिन्हा दोनों ने अपने-अपने समर्थकों के साथ पर्चा दाखिल किया। नामांकन के अंतिम दिन पटना कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी के कारण काफी भीड़ देखने को मिली। चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच बांकीपुर क्षेत्र में प्रशांत किशोर के खिलाफ विवादित पोस्टर लगाए जाने का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में 30 जुलाई को होने वाला मतदान इस प्रतिष्ठित सीट पर राजनीतिक दलों की ताकत और रणनीति की अहम परीक्षा माना जा रहा है।

 

 

Written By Toshi Shah