चीन ने संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव पद के लिए किसी महिला को चुने जाने की संभावना का खुलकर समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू कोंग ने बीते दिन यानी 4 मई 2026 को कहा कि यदि इस बार कोई महिला इस शीर्ष पद तक पहुंचती है, तो यह स्वागत योग्य होगा। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि लगभग 80 साल के इतिहास के बावजूद संयुक्त राष्ट्र को अब तक कोई महिला महासचिव नहीं मिल सकी है।
महासचिव के लिए महिलाओं ने किया दवेदारी
महासचिव पद के लिए चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अभी चार प्रमुख उम्मीदवार सामने आए हैं। इनमें दो महिलाएं हैं। मिशेल बेशेलेट और रेबेका ग्रिन्सपान। पुरुष उम्मीदवारों में राफेल ग्रोसी और मैकी सॉल शामिल हैं। इन सभी ने हाल ही में सदस्य देशों और नागरिक संगठनों के सामने अपनी-अपनी प्राथमिकताएं और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।
फू कोंग ने नहीं लिया कोई नाम
जब चीन से यह पूछा गया कि क्या वह किसी विशेष उम्मीदवार का समर्थन करता है, तो फू कोंग ने सीधे तौर पर कोई नाम नहीं लिया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि चीन ऐसे महासचिव को प्राथमिकता देगा, जो बहुपक्षवाद में विश्वास रखता हो, संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को मजबूत करे और किसी एक शक्तिशाली देश के प्रभाव में न आए।
चीन का तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान
चीन का मानना है कि अगला महासचिव संगठन के तीन मुख्य स्तंभों पर होगा, जिसमें शांति सुरक्षा, विकास तथा मानवाधिकार के बीच संतुलन बनाए रखने वाला होना चाहिए। वर्तमान महासचिव एंतोनियो गुतारेस का दूसरा कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। उन्होंने 2017 में इस पद को संभाला था।
193 सदस्यीय महासभा लेती हैं अंतिम निर्णय
महासचिव की नियुक्ति प्रक्रिया में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसकी सिफारिश के बाद 193 सदस्यीय महासभा अंतिम निर्णय लेती है। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका—के पास वीटो का अधिकार होता है, जिससे चयन प्रक्रिया पर उनका गहरा प्रभाव पड़ता है।
कई और उम्मीदवारों के नाम होंगे शामिल
पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित कर इस बात पर खेद जताया था कि अब तक कोई महिला महासचिव नहीं बनी और सदस्य देशों से महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था। मई 2026 के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालते हुए चीन ने संकेत दिया है कि वह चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। आने वाले महीनों में इस दौड़ में और उम्मीदवारों के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है।