पंजाब में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तय करने के उद्देश्य से बुलाई गई बैठक में पार्टी के भीतर गहरे मतभेद खुलकर सामने आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल तथा राज्य के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। हालांकि बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों की तैयारी पर चर्चा करना था, लेकिन यह आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस का मंच बन गई।

स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस की बढ़ाई चिंता

हाल ही में हुए पंजाब के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। कुल 1,977 वार्डों में से आम आदमी पार्टी ने 954 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस केवल 393 वार्डों में ही सफलता प्राप्त कर सकी। इन परिणामों ने पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैठक के दौरान चन्नी ने कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का उठाया मुद्दा

बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने गिद्दड़बाहा में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के प्रभाव वाले क्षेत्र में ही पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है, तो आगामी विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कैसे की जा सकती है। गिद्दड़बाहा में आम आदमी पार्टी ने 19 में से 17 वार्ड जीतकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया।

वड़िंग ने चन्नी के तर्क पर क्या कहा?

इस पर वड़िंग ने तर्क दिया कि स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ताधारी दल द्वारा सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जाता है और यही हार का प्रमुख कारण रहा। हालांकि कुछ नेताओं ने यह सवाल भी उठाया कि यदि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग इतना प्रभावी था, तो चमकौर साहिब और कपूरथला जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस की जीत कैसे संभव हुई।

चुनाव प्रचार के समय क्यों गायब रहे चन्नी

बैठक के दौरान चन्नी की चुनाव प्रचार के समय लंबी अनुपस्थिति का मुद्दा भी उठा। इस पर उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से विदेश जाने की मजबूरी का हवाला दिया। वहीं,विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के बैठक बीच में छोड़कर चले जाने की घटना ने भी राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दिया।

'पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव की कोई संभावना नहीं'

बैठक के बाद भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में किसी बदलाव की फिलहाल कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही व्यापक कार्ययोजना तैयार कर जनता के बीच जाएगी। कांग्रेस राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और केंद्र सरकार की नीतियों से पंजाब को हो रहे नुकसान को प्रमुख मुद्दा बनाकर जन आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन मुद्दों के माध्यम से जनता का विश्वास फिर से हासिल किया जा सकता है।

Written By: Geeta Sharma