महाराष्ट्र के पुणे जिले में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत होने का मामला सामने आया है। इस घटना ने प्रशासन और पुलिस विभाग को सतर्क कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे शहर पुलिस, पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस और राज्य आबकारी विभाग ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान अधिकारियों ने योगेश वानखेड़े नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने पिंपरी-चिंचवाड़ के फुगेवाड़ी और पुणे के हडपसर क्षेत्र में शराब की आपूर्ति की थी। पहले उसे आबकारी विभाग ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया।

इस मामले में आठ लोगों को लिया गया हिरासत में

अधिकारियों के अनुसार, पिंपरी-चिंचवाड़ में संदिग्ध शराब सेवन से सात लोगों की जान जा चुकी है, जबकि तीन अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतकों के पोस्टमॉर्टम और अन्य परीक्षणों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि फुगेवाड़ी क्षेत्र में मेथनॉल मिश्रित शराब की आपूर्ति किए जाने की आशंका है और इसी दिशा में जांच आगे बढ़ रही है।

सीएम फडणवीस ने जांच के दिए आदेश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं, उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी। पिंपरी-चिंचवाड़ के पुलिस उपायुक्त Sandeep Atole ने बताया कि कई मौतों की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। शुरुआती जांच में जहरीली शराब सेवन का संदेह सामने आया है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

24 घंटों में और तीन की मौत

वहीं, पुणे के हडपसर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई तीन अन्य मौतों को भी इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन घटनाओं का संबंध एक ही सप्लाई नेटवर्क से है। राज्य आबकारी आयुक्त अतुल कनाडे (Atul Kanade) ने बताया कि विभाग लगातार मामले की निगरानी कर रहा है और सभी संभावित कड़ियों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हुए हैं।

 

Written By Toshi Shah