Manipur News: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा से हालात खराब हो गए है। खबरों के मुताबिक बिष्णुपुर में बम धमाके के बाद स्थिति खराब हो गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मणिपुर के 5 घाटी जिलों में हालात तनावपूर्ण बनी हुई है। बताया जा रहा कि यहां पर एक दिन पहले हुए बम धमाके के बाद हिंसा भड़क उठी थी। हालात को देखते हुए इन जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया, इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। इसके साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिए गए।
सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई थी झड़प
अधिकारी ने बताया कि आज 8 अप्रैल बुधवार सुबह किसी नई हिंसा की खबर नहीं मिली है, लेकिन मंगलवार देर रात इंफाल पूर्वी और पश्चिमी जिलों के कुछ इलाकों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी। इसके चलते पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस ने बताया कि 7 अप्रैल मंगलवार को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में हिंसा तब भड़क उठी, जब फेंके गए बम की वजह से 2 बच्चों की उनके घर पर ही मौत हो गई। इसके विरोध में CRPF कैंप पर धावा बोलने वाली भीड़ में से 2 अन्य लोगों को गोली मार दी गई। इन लोगों ने बम हमले के विरोध में 2 तेल टैंकरों और एक ट्रक में आग लगा दी, एक पुलिस चौकी में भी तोड़फोड़ की। साथ ही मुख्य सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी।
हालात को देखते हुए सीएम ने सर्वदलीय बैठक की
इस बीच मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने राज्य की हालात की समीक्षा के लिए एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही मुख्यमंत्री ने बम हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी जाएगी। हालात को लेकर पुलिस का कहना है कि यह सब तब शुरू हुआ जब संदिग्ध उग्रवादियों ने मोइरांग त्रोंगलाओबी में एक घर पर बम फेंक दिया। यह घटना मंगलवार को हुई, जब घर के सभी लोग सो रहे थे। वहीं इस हमले में 5 साल के एक लड़के और उसकी 6 महीने की बहन की मौत हो गई, जबकि उनकी मां घायल बताई जा रही है।
Writen By: Geeta Sharma