उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव में अभी लगभग एक साल का समय बाकी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अभी से चुनावी माहौल बनाना शुरू कर दिया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति के अहम हिस्से के रूप में पेश किया है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा इस बार कानून व्यवस्था के साथ-साथ विकास को मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी में है। इसी रणनीति के तहत नोएडा एयरपोर्ट को केंद्र में रखकर चुनावी लाभ लेने की योजना बनाई गई है। उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्हें विकास में बाधा डालने वाला बताया।
कानून व्यवस्था में सुधार से 2022 में मिला फायदा
साल 2017 में जब उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी, तब प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का बड़ा असर था। चुनाव जीतने के बाद पार्टी नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया। पहले कार्यकाल में सरकार ने कानून व्यवस्था को सुधारने पर जोर दिया, जिसका फायदा 2022 के चुनाव में मिला।
सरकार ने कई अपनी कई उपलब्धि के बार में बताया
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया था और इसी आधार पर दोबारा सत्ता हासिल की। इसके बाद सरकार ने कई विकास परियोजनाओं को तेज किया, जिनमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल है। पांच साल के भीतर इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करना सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है।
कानून व्यवस्था के मोर्चे पर किया काम
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और उन्हें विकास में रुकावट पैदा करने वाला बताया। भाजपा का मानना है कि उसने कानून व्यवस्था के मोर्चे पर काम किया है और अब विकास कार्यों को प्रमुखता से जनता के सामने रखा जाएगा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर बीजेपी का फोकश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी पार्टी का विशेष ध्यान है। इस क्षेत्र में भाजपा को पहले कई चुनावों में अच्छी सफलता मिली है, हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में कुछ सीटों का नुकसान हुआ। मुजफ्फरनगर, कैराना और सहारनपुर जैसी सीटों पर हार के बाद पार्टी इस इलाके पर ज्यादा फोकस कर रही है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषणों में भी पश्चिमी यूपी का जिक्र कर लोगों से समर्थन बनाए रखने की अपील की।
पीएम मोदी ने समाजवादी पर साधा निशाना
दिलचस्प बात यह रही कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने नोएडा को “एटीएम” की तरह इस्तेमाल किया, जबकि भाजपा ने भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर विकास को आगे बढ़ाया। वहीं मुख्यमंत्री ने 2002 से 2017 तक के समय में विकास न होने की बात कही और सपा व कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन बहुजन समाज पार्टी का नाम नहीं लिया। इस बात को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
Written By Toshi Shah