कर्नाटक में इन दिनों ऑटो एलपीजी की मांग अचानक तेजी से बढ़ गई है। इसकी मुख्य वजह यह है कि बेंगलुरु समेत राज्य के कई हिस्सों में 300 से अधिक निजी एलपीजी पंप या तो बंद हो गए हैं या सीमित रूप से काम कर रहे हैं। इसके चलते आम लोगों, खासकर ऑटो चालकों और एलपीजी वाहनों के मालिकों को ईंधन भरवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Indian Oil Corporation ने कही ये बात

इस स्थिति को संभालने के लिए Indian Oil Corporation ने आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी ने पूरे राज्य में ऑटो एलपीजी की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए अपने स्तर पर अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। फिलहाल, कंपनी अपने 55 ऑटो एलपीजी डिस्पेंसिंग स्टेशनों (ALDS) के जरिए मांग को पूरा करने की कोशिश कर रही है।

सरकारी पंपों पर निर्भर हुए लोग

निजी पंपों के बंद होने के कारण अब बड़ी संख्या में लोग सरकारी पंपों पर निर्भर हो गए हैं, जिससे वहां दबाव काफी बढ़ गया है। कंपनी के अधिकारी वी. वेत्रिसेल्वाक्कुमार के अनुसार, हालात को ध्यान में रखते हुए सप्लाई चेन को मजबूत किया गया है, ताकि ईंधन की कमी न हो और वितरण सुचारु रूप से चलता रहे।

बिक्री में हुई बढ़ोतरी

आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति की गंभीरता साफ दिखती है। इंडियन ऑयल के पंपों पर रोजाना ऑटो एलपीजी की बिक्री बढ़कर लगभग 59.53 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जबकि पिछले तीन महीनों में यह औसतन 43.4 मीट्रिक टन थी। यानी मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी ने यह भरोसा भी दिलाया है कि वह सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए सभी इलाकों में समान रूप से ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

 Written By Toshi Shah