बलूचिस्तान में पाकिस्तान की सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। एक तरफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, वहीं दूसरी ओर बलूचिस्तान से जुड़े घटनाक्रम ने सरकार और सेना की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी बीच बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि उसने मस्तुंग जिले में पाकिस्तान सेना के एक काफिले पर बड़ा हमला किया, जिसमें 45 से अधिक सैनिकों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए। हालांकि पाकिस्तान सेना ने हमले की पुष्टि तो की है, लेकिन हताहतों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।

क्वेटा-कराची हाईवे पर हमले का दावा

बीएलए के अनुसार यह हमला गुरुवार को क्वेटा-कराची हाईवे पर खदकुचा इलाके के पास हुआ। संगठन का कहना है कि सेना के जवानों को ले जा रहे काफिले को पहले निशाना बनाया गया और बाद में घटनास्थल पर पहुंची अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों पर भी हमला किया गया। बीएलए ने दावा किया कि इस पूरे अभियान को उसके विशेष दस्ते 'फतेह स्क्वाड' ने अंजाम दिया। संगठन ने इसे पहले से तैयार की गई रणनीति के तहत किया गया बड़ा सैन्य अभियान बताया है।

मुठभेड़ के बीच हताहतों की संख्या बढ़ने की जताई संभावना

बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलूच ने जारी बयान में कहा कि बयान जारी किए जाने तक भी सुरक्षा बलों और संगठन के लड़ाकों के बीच मुठभेड़ जारी थी। उनका दावा है कि हालात को देखते हुए मृतकों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

हमले के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी करने का दावा

संगठन ने यह भी कहा कि सैन्य कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत बयान जारी किया जाएगा। उस बयान में पूरे अभियान की जानकारी, घटनाक्रम का ब्यौरा और पाकिस्तान सेना को हुए नुकसान का उसका आकलन सार्वजनिक किया जाएगा।

पाकिस्तान ने दावों को खारिज किया

गौरतलब है कि हाल के दिनों में बीएलए ने एक पत्र जारी कर बलूचिस्तान को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने का दावा किया था। उस दस्तावेज में क्षेत्र को 'रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान' नाम दिया गया और यह कहा गया कि संगठन ने बलूचिस्तान के लगभग 85 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इसके साथ ही नए राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, मुद्रा और प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने का भी दावा किया गया। हालांकि इन दावों की पुष्टि किसी स्वतंत्र या आधिकारिक स्रोत से नहीं हुई है और पाकिस्तान सरकार भी इन्हें स्वीकार नहीं करती।

 

 

Written By Toshi Shah