Assembly By-election Results 2026: बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उप-चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा की एकतरफा जीत हुई है। वैसे भी गुजरात में लंबे समय से भाजपा के सत्तारूढ़ होने नहीं बल्कि राज्य में विपक्षी कांग्रेस की भूमिका लेकर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन जिस तरह से बांकीपुर और दतिया में भाजपा की हार हुई वह राज्य सरकारों के साथ ही मोदी सरकार के प्रदर्शन पर सवालिया निशान है।

उप-चुनावों में सत्तारूढ़ दल की ही जीत की धारणा टूटी

आमतौर पर यह धारणा है कि उप-चुनावों में सत्तारूढ़ दल की ही जीत होती है। यह राज-नीतिक धारणा कम से कम हिंदी भाषी राज्यों में लंबे समय से है। क्योंकि सत्तारूढ़ दल विपक्षी दलों से ज्यादा सुविधा संपन्न और शक्ति-संपन्न माना जाता है। और शासन के इसारे पर पर प्रशासन नाचता है। ऐसे में उप-चुनावों में सत्तारूढ़ दल की हार सरकार की नैतिक हार के साथ ही आने वाले समय के लिए खतरे की घंटी होती है। तीन राज्यों की तीन विधाानसभा उप-चुनावों में भाजपा को सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भाजपा की पकड़ अब कमजोर हुई है? या Zen Z के आंदोलन का असर है?

बांकीपुर में भाजपा के गढ़ में दरार

बांकीपुर विधानसभा बिहार की राजधानी पटना में स्थित है। शहरी सीट होने के साथ ही यह लंबे समय से भाजपा का गढ़ रहा है। भाजपा शहरी सीटों पर हमेशा फायदे में रही है। यह सीट भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। यहां के उम्मीदवार का चयन नितिन नवीन ने किया था। बांकीपुर सीट पर भाजपा की हार नितिन नवीन के साथ ही बिहार के नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए भी खतरे की घंटी है।

नितिन नवीन का बयान बना भाजपा की हार की वजह

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान युवाओं और सीजेपी को वायरस बताते हुए कहा था कि इस वायरस का इलाज सिर्फ बीजेपी कार्यकर्ता ही कर सकते हैं। लेकिन आज उनके ही गृह क्षेत्र की सीट पर भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। वही सीट, जिसे उन्होंने राज्यसभा जाने के लिए खाली किया था। गौर करने वाली बात है कि 1995 के बाद से बीजेपी इस बांकीपुर विधानसभा सीट पर कभी नहीं हारी थी।

 दतिया में फिर कांग्रेस कब्जा, भाजपा का तिकड़म काम नहीं आया

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का नतीजा एक बार फिर कांग्रेस के पक्ष में आया। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराकर जीत दर्ज की है। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के दिग्गज एव बड़बोले नेता नरोत्तम मिश्रा को हराया था। हालांकि, अप्रैल 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई, जिसके चलते उनकी सदस्यता खत्म हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा।

नरोत्तम मिश्रा ने राजेंद्र भारती के खिलाफ रची थी साजिश! 

राजेंद्र भारती की सदस्यता को खत्म कराने के पीछे नरोत्तम मिश्रा ने साजिश रची, ऐसा मानने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। लेकिन उपचुनाव भाजपा ने उन्हें टिकट न देकर युवा नेता आशुतोष तिवारी को दे दिया। नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी उम्मीदवार को जिताने के बहुत वादे किए और कसमें खायीं, लेकिन कुछ काम नहीं आया। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और नरोत्तम मिश्रा के बीच मतभेद की वजह से राज्य में पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है।

दतिया में आशुतोष तिवारी और घनश्याम सिंह के बीच था मुकाबला

दतिया में मुख्य मुकाबला बीजेपी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच था। आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव समेत कुल 21 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना 3 अगस्त की सुबह शुरू हुई, जिसमें शुरुआती बढ़त लेने वाले घनश्याम सिंह ने आखिर तक अपनी बढ़त बरकरार रखी और कांग्रेस ने यह सीट अपने नाम कर ली।

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दतिया का चुनाव बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए साख का सवाल बन चुका है। इस चुनाव के नतीजे पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के भविष्य से भी जुड़े हैं, जिन्हें इस बार पार्टी ने टिकट नहीं दिया। भाजपा की हार ने नरोत्तम मिश्रा की भूमिका और उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या Zen z ने भाजपा की साख पर बट्टा लगा दिया है।

क्या मोदी का करिश्मा खत्म होने का वक्त आ गया?

लोकसभा, विधानसभा से लेकर स्थानीय निकाय चुनाव तक भाजपा मोदी के नाम और काम पर लड़ती है। पिछले 12 वर्षों में पार्टी ने हर चुनाव में मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा। लेकिन जंतर-मंतर पर सीजेपी और छात्रों के आंदोलन में मोदी के कथित करिश्मे को ध्वस्त कर दिया। मोदी को पहली बार भारी दबाव में अपने मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा। 

Written By: Pradeep Singh