सीएम योगी ने शुक्रवार को शामली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। इस कांवड़ यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है। बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की गरिमा को भी दर्शाती है। ऐसे में यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या हुड़दंग से बचना सभी श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद या हंगामा करने से यात्रा की पवित्रता प्रभावित होती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कहीं भी अनुशासनहीनता की घटनाएं होती हैं। विरोधी ताकतें उन्हें मुद्दा बनाकर कांवड़ यात्रा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगी।

श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान शिव के आदर्शों का किया उल्लेख

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ संघों से विशेष अपील करते हुए कहा कि सभी श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की मर्यादा, भगवान श्रीकृष्ण की जीवन लीला और भगवान भोलेनाथ की समरसता एवं जीवंतता से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, हम सब श्रीराम के वंशज हैं, श्रीकृष्ण के अनुयायी हैं और भोले शंकर के भक्त हैं। इसलिए हमें हर परिस्थिति में धैर्य, संयम और अनुशासन का परिचय देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक यात्राओं का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश देना है और श्रद्धालुओं के व्यवहार से ही समाज में आस्था के प्रति सम्मान बढ़ता है।

सरकार सुरक्षा और सुविधाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और धार्मिक आस्था का सम्मान करती है। यही कारण है कि यात्रा मार्गों पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं और कई स्थानों पर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, लेकिन श्रद्धालुओं का भी कर्तव्य है कि वे मर्यादा का पालन करें और किसी भी उकसावे या विवाद से दूर रहें।

मुजफ्फरनगर की घटना के बीच आया बयान

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान हुए हंगामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस घटना के बाद यात्रा के दौरान सुरक्षा और अनुशासन को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने सभी कांवड़ियों से संयम बरतने और यात्रा की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले धार्मिक आयोजनों के प्रति सरकारों का रवैया अलग था। उनके अनुसार, उस समय 'जय श्रीराम' के नारे लगाने वालों पर कार्रवाई होती थी, कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करने की कोशिश की जाती थी, कृष्ण जन्माष्टमी और रामनवमी जैसे धार्मिक आयोजनों में भी बाधाएं उत्पन्न की जाती थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सभी धर्मस्थलों और धार्मिक आयोजनों के प्रति सम्मान का भाव रखती है तथा आस्था से जुड़े कार्यक्रमों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आयोजित कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश को विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने शामली में 581 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने बताया कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुल 2,452 करोड़ रुपये की लागत वाली 255 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का लाभ शामली, बिजनौर और गाजियाबाद की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ये योजनाएं क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी, रोजगार के अवसर बढ़ाएंगी और प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनाने के संकल्प को नई गति प्रदान करेंगी।

आस्था और विकास दोनों पर सरकार का जोर

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक ओर जहां धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर विकास और जनकल्याण की योजनाओं के माध्यम से प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास भी जारी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, अनुशासित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराने में सहयोग देने की अपील की।

Written By: Geeta Sharma