Amit Shah on Women Reservation Bill: लोकसभा में अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 2029 तक सभी चुनाव मौजूदा व्यवस्था के तहत ही कराए जाएंगे, इसको लेकर किसी भी तरह की डर की जरूरत नहीं है। माना जा रहा है कि अमित शाह का यह बयान खासतौर पर अखिलेश यादव के लिए था। क्योंकि ओर से इस विषय पर सवाल उठाए गए थे।
'महिला आरक्षण बिल में सरकार का कोई राजनीतिक फायदा नहीं'
अमित शाह ने सदन में कहा कि कुछ विपक्षी दल यह आरोप लगा रहे हैं कि सरकार सत्ता में बने रहने के उद्देश्य से महिला आरक्षण विधेयक लेकर आई है। इस पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग ऐसा सोचते हैं, वे शायद सरकार की ताकत और नीयत को गलत समझ रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करना है, न कि राजनीतिक लाभ उठाना।
#WATCH | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, "एक वाकया आया कि तमिलनाडु, बंगाल में चुनाव हो रहे हैं और यह नया एक्ट आ गया। मैं स्पष्टता से कह देता हूं कि यह डीलिमिटेशन कमीशन की रिपोर्ट तब ही लागू होगी जब संसद इसे स्वीकार करेगी और… pic.twitter.com/fyGvSpRiTb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 16, 2026
परिसीमन के मुद्दे पर बोले अमित शाह
गृह मंत्री ने महिला आरक्षण के साथ-साथ परिसीमन के मुद्दे पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से होगी और इसका असर 2029 के बाद होने वाले चुनावों में ही दिखाई देगा। तब तक सभी चुनाव वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ही खत्म होंगे।
जाति जनगणना पर शाह का विपक्ष को करारा जवाब
इसके अलावा, अमित शाह ने जाति जनगणना को लेकर भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि सरकार जाति जनगणना नहीं कराना चाहती। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने अगली जनगणना में जाति आधारित आंकड़े शामिल करने का निर्णय लिया है।
सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए बताया कि यह दो चरणों में होती है। पहले चरण में सभी मकानों और ढांचों का सर्वे किया जाता है, जबकि दूसरे चरण में उन मकानों में रहने वाले लोगों की जानकारी एकत्र की जाती है। उन्होंने कहा कि अभी जो सवाल पूछे जा रहे हैं, वे पहले चरण का हिस्सा हैं, इसलिए उसमें जाति से जुड़े प्रश्न शामिल नहीं हैं। हालांकि विपक्ष इस मुद्दे पर आगे भी सरकार को घेरने की तैयारी में नजर आ रहा है।
Written By: Geeta Sharma