अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर बढ़ते दबाव में दिखाई दे रहे हैं और युद्धविराम की संभावनाओं पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने हाल ही में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से भी बातचीत की है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के भीतर और बाहर के कई अधिकारियों के साथ सीजफायर पर चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि इस पहल के पीछे अमेरिका में बढ़ता जनविरोध एक बड़ा कारण है।

अमेरिका में हुआ सर्वे

एक सर्वे के मुताबिक करीब 66 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक चाहते हैं कि अमेरिका ईरान के साथ अपने सैन्य जुड़ाव को जल्द खत्म करे, भले ही इसके लिए कुछ रणनीतिक लक्ष्य अधूरे ही क्यों न रह जाएं। वहीं 27 प्रतिशत लोग मानते हैं कि अमेरिका को अपने सभी उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संघर्ष जारी रखना चाहिए। इस सर्वे में 1,000 से अधिक लोगों की राय ली गई थी।

सर्वे में ये बात आई सामने

दिलचस्प बात यह है कि रिपब्लिकन समर्थकों के बीच भी मतभेद देखने को मिला। लगभग 40 प्रतिशत रिपब्लिकन चाहते हैं कि युद्ध जल्द समाप्त हो, जबकि 57 प्रतिशत अब भी लंबे सैन्य अभियान के पक्ष में हैं। कुल मिलाकर 60 प्रतिशत अमेरिकियों ने ईरान पर हमले को गलत ठहराया, जबकि 35 प्रतिशत ने इसका समर्थन किया।

28 फरवरी को शुरू हुआ था संघर्ष

यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद तेज हुआ और अब पूरे मध्य पूर्व में फैल चुका है। इस युद्ध में हजारों लोगों की जाने जा चुकी है और इसका वैश्विक असर भी गंभीर रूप से महसूस किया जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका गहराई है। खासकर एशियाई और गरीब देशों पर इसका ज्यादा असर पड़ा है।

 

  Written By Toshi Shah