सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कीकई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले का भी उल्लेख किया। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का हवाला देते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की।

सीएम योगी के बयान का किया जिक्र

अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं कहा है कि इस मामले में 'दूध का दूध और पानी का पानी' होना चाहिए। इसी बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई अनियमितता हुई है तो सोना-चांदी सहित मंदिर की सभी मूल्यवान वस्तुएं अपने वास्तविक स्थान पर वापस पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और मंदिर में चढ़ाए गए दान की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

व्यंग्यात्मक अंदाज में कही यह बात

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि कुछ दिनों के लिए आंखें बंद कर दी जाएं और सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए जाएं, तो संभव है कि सारा चढ़ावा अपने आप वापस आ जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शायद भगवान श्रीराम ने उन्हें इस मुद्दे को उठाने का माध्यम बनाया है, जिसके बाद यह मामला सार्वजनिक चर्चा में आया। हालांकि, उन्होंने यह टिप्पणी हल्के-फुल्के अंदाज में की और इसे अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा बताया।

जन्मदिन पर हल्के-फुल्के अंदाज में भी दिखे अखिलेश

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने माहौल को हल्का बनाते हुए पत्रकारों से कहा, आज कुछ कड़वा मत पूछना, जन्मदिन मन रहा है। उन्होंने पार्टी फंडिंग का जिक्र करते हुए भी मजाकिया अंदाज में कहा कि पार्टी को चंदे की जरूरत तो होती है, लेकिन आज दूसरे चंदे की बात मत छेड़ना। उनकी इस टिप्पणी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों के बीच हल्की मुस्कान भी देखने को मिली।

भाजपा पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

राम मंदिर के मुद्दे के अलावा अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का उद्देश्य भ्रष्टाचार के जरिए सरकार बनाना और सरकार में रहते हुए भी भ्रष्टाचार करना है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को अपना नाम बदलकर "भाचपा" कर लेना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने संविधान, श्रद्धा और जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। उनके अनुसार यदि लोगों को यह भरोसा हो जाए कि मंदिर में चढ़ाया गया दान पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी, तो श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा तथा मंदिर में दान देने वालों की संख्या भी बढ़ेगी।

आस्था और पारदर्शिता पर दिया जोर

अखिलेश यादव ने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उनका कहना था कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या विवाद से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित होती हैं। इसलिए संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आए और लोगों का विश्वास कायम रहे।

 Written By: Geeta Sharma