तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को होने वाला विश्वासमत बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय अपनी सरकार का बहुमत साबित करेंगे, लेकिन उससे पहले राज्य की राजनीति में नया बवाल मचा हुआ है। खास तौर पर विपक्षी दलों और सहयोगी पार्टियों के भीतर उठापटक ने इस शक्ति परीक्षण को और दिलचस्प बना दिया है।
विधायक एस.कामराज ने विजय सरकार को दिया समर्थन
मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि सदन में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। ऐसे में कांग्रेस और कुछ छोटे दलों ने TVK सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। इसी बीच एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब टीटीवी दिनाकरन की पार्टी AMMK के इकलौते विधायक एस. कामराज ने भी विधानसभा में विजय सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर दी।
कामराज को AMMK पार्टी ने किया निष्कासित
कामराज के इस फैसले के कुछ ही घंटों बाद दिनाकरन ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। दिनाकरन ने बयान जारी कर कहा कि विधायक का फैसला पूरी तरह एकतरफा था और यह पार्टी अनुशासन के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व से बिना चर्चा किए लिया गया यह निर्णय स्वीकार्य नहीं है।
AIADMK में भी अंदरूनी मतभेद
दूसरी ओर, AIADMK में भी अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी के एक गुट ने मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ मतदान करने का फैसला लिया है। AIADMK नेता एग्री एस. एस. कृष्णमूर्ति ने सभी विधायकों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि फ्लोर टेस्ट में TVK सरकार के खिलाफ वोट देना अनिवार्य होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी लाइन के खिलाफ जाने वाले विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
AIADMK का दूसरा गुट विजय सरकार के समर्थन में
हालांकि AIADMK का दूसरा गुट विजय सरकार के समर्थन में दिखाई दे रहा है। इस गुट का नेतृत्व एसपी वेलुमणि और सीवी षणमुगम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका गुट मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेगा। षणमुगम ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी कभी भी DMK का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने पार्टी संगठन को दोबारा मजबूत करने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए परिषद की बैठक बुलाने की मांग भी की। तमिलनाडु विधानसभा में होने वाला यह विश्वासमत केवल सरकार के भविष्य का फैसला नहीं करेगा, बल्कि राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की दिशा भी तय कर सकता है।
Written By: Geeta Sharma