पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच जारी टकराव को दो महीने से ज्यादा वक्त गुजर चुका है, लेकिन आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा। रावलाकोट का चिनार चौक और डी चौक इस समय विरोध प्रदर्शन के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग लगातार जुट रहे हैं।
मतदान फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया
सरदार अमान खान की चेतावनी के बाद PoK चुनाव आयोग ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 10 अगस्त को प्रस्तावित 11 सीटों में से 7 सीटों पर मतदान फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है। अब सोमवार को केवल बाग जिले की तीन और हवेली जिले की एक सीट पर मतदान होना है। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इन चारों सीटों के चुनाव का भी बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है।
चुनाव से पहले PML-N और PPP की रैलियां
मतदान से करीब 72 घंटे पहले पाकिस्तान की प्रमुख पार्टियों ने चुनावी माहौल बनाने की आखिरी कोशिश की। बाग जिले में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) और बिलावल भुट्टो जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने अलग-अलग जनसभाएं कीं।
भीड़ जुटाने की कोशिशों पर उठे सवाल
इन रैलियों में जुटी भीड़ को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, 9 जून से पंजाब और PoK के बीच बस सेवा बंद है। इसके बावजूद आरोप है कि PML-N ने पंजाब नंबर की बसों के जरिए अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को रैली स्थल तक पहुंचाया, ताकि सभा में ज्यादा भीड़ दिखाई जा सके। हालांकि, इन कोशिशों का असर स्थानीय स्तर पर दिखाई नहीं दिया और प्रदर्शनकारियों का विरोध जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने विरोध का अपनाया अनोखा तरीका
बाग में प्रदर्शनकारियों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। एक खच्चर को शहबाज शरीफ का प्रतीक बनाकर उसे माला पहनाई गई और उसके ऊपर पैसे फेंके गए। इस दौरान पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने जर्जर होती व्यवस्था को निशाना बनाते हुए 'गिरती हुई दीवारों को एक धक्का और दो' जैसे नारे लगाए।
रावलाकोट में सेना के खिलाफ तीखे बयान
रावलाकोट के चिनार चौक पर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल सरदार अमान खान ने पाकिस्तानी सेना को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना के जवान वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर पैसों के लिए आम लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं और लोगों की जान ले रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना की ओर से हुई हवाई फायरिंग
शनिवार रात भी करीब 8 बजे रावलाकोट में कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना की ओर से हवाई फायरिंग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का मकसद उन्हें डराना है। हालांकि, गोलीबारी और दबाव के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। आंदोलन को अब 61 दिन पूरे हो चुके हैं।
राणा सनाउल्लाह ने प्रदर्शनकारियों को बताया था आतंकी
इस बीच पाकिस्तान सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बयानबाजी भी तेज हुई है। पाकिस्तान के पूर्व गृहमंत्री और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने पिछले सप्ताह प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी तक करार दिया था। सनाउल्लाह का दावा था कि इनमें से कुछ लोगों को वर्षों पहले भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन अब वही लोग पाकिस्तान के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
PoK में आंदोलन के बीच 4 सीटों पर चुनाव
PoK में जारी आंदोलन, चुनाव के बहिष्कार और सरकार की ओर से बढ़ते दबाव के बीच सोमवार को होने वाला मतदान पाकिस्तान प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। खासतौर पर उन चार सीटों पर, जहां मतदान फिलहाल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना है, प्रदर्शनकारियों के बहिष्कार के ऐलान से चुनावी प्रक्रिया की वैधता और भागीदारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Written By Toshi Shah