महाराष्ट्र की सियासत का सबसे बड़ा गढ़ मानी जाने वाली बारामती सीट पर एक बार फिर विरासत की जंग तेज हो गई है। सोमवार को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान महायुति के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने बारामती की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन का अहसास कराया। नामांकन के बाद सुनेत्रा ने भावुक होते हुए कहा कि वह अपने दिवंगत पति अजित पवार के अधूरे सपनों और विकास कार्यों को रुकने नहीं देंगी।

भावुक हुईं सुनेत्रा, विकास का दिया भरोसा
नामांकन के दौरान सुनेत्रा पवार के साथ एकनाथ शिंदे, प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल जैसे बड़े नेता नजर आए। जनता को संबोधित करते हुए सुनेत्रा ने कहा, "अजित दादा के लिए बारामती उनकी माँ के समान थी। उन्होंने पूरी उम्र यहाँ की सेवा में लगा दी। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन मैं वादा करती हूँ कि किसानों का पानी और महिलाओं की सुरक्षा मेरी प्राथमिकता रहेगी।" उन्होंने बारामती के लोगों से उसी समर्थन की अपील की जो वे सालों से अजित पवार को देते आए हैं।

पार्थ पवार का कांग्रेस पर हमला
इधर, कांग्रेस द्वारा आकाश मोरे को उम्मीदवार उतारे जाने पर अजित पवार के बेटे पार्थ पवार ने मोर्चा खोल दिया है। पार्थ ने तीखे लहजे में कहा कि कांग्रेस को इस चुनाव में उतरने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। पार्थ के इस बयान पर राजनीति गर्मा गई है। वरिष्ठ नेता शरद पवार ने जहाँ पार्थ के बयान पर नाराजगी जताते हुए इसे 'अपरिपक्व' बताया, वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए पार्थ को 'अकृतज्ञ बेटा' तक कह डाला। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव लड़ना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।

अजित पवार के निधन के बाद विरासत की लड़ाई
बता दें कि यह उपचुनाव 28 जनवरी को एक विमान हादसे में अजित पवार के आकस्मिक निधन के कारण हो रहा है। उनके निधन के बाद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। अब सुनेत्रा के सामने चुनौती अपनी इस नई भूमिका और पति की राजनीतिक विरासत को जनता के बीच साबित करने की है। जहाँ एक तरफ सहानुभूति की लहर है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की एंट्री ने इस मुकाबले को रोचक बना दिया है।

Written by: Anushka sagar