पश्चिम बंगाल में इन दिनों सियासी पारा हाई है। तख्ता पलट के बाद काफी कुछ राज्य में बदलाव देखने को मिल रहा है। आजादी के बाद से बंगाल में भाजपा की पहली बार सरकार बनी है। इसी बीच शनिवार, 30 मई को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने हमला बोला था, जिसमें उनकों हल्की चोंटे भी लगने की बात कही गई। जिसे लेकर भाजपा और टीएमसी पार्टी के बीच बहस छिड़ी हुई है। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि 31 मई रविवार को सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला होने की खबर सामने आई है।
सांसद कल्याण बनर्जी पर फूटा लोगों का गुस्सा
तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के खिलाफ जनाक्रोश की घटनाएं दूसरे दिन भी देखने को मिलीं। पहले 30 मई, शनिवार को सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना हुई। अब रविवार को हुगली के चंडीतला में श्रीरामपुर से तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी पर भी हमला हुआ। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काला झंडा दिखाया और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। और फिर उनके उपर पथर फेंक हमला किया,जिससे वह सड़क पर गिर पड़े।
कुछ लोगों ने काला झंडा दिखाकर विरोध जताया
जानकारी के मुताबिक,अभिषेक बनर्जी के साथ हुई घटना के विरोध में कल्याण बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल का एक प्रतिनिधिमंडल चंडीतला थाने में ज्ञापन सौंपने जा रहा था। तभी कुछ लोगों ने पहले काला झंडा दिखाकर विरोध जताया और पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान सांसद के सिर पर एक पथर लगा,जिससे वह घायल हो गए।
घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण
घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और तृणमूल कार्यकर्ताओं तथा विरोध कर रहे लोगों के बीच धक्का-मुक्की की भी खबर सामने आई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए सांसद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया तथा उनका प्राथमिक उपचार कराया। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद कल्याण बनर्जी अपने समर्थकों के साथ चंडीतला थाने के सामने धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की।
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए
धरने के दौरान सांसद ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि एक जनप्रतिनिधि पर सार्वजनिक रूप से हमला हो सकता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले का उद्देश्य उनकी जान को नुकसान पहुंचाना था। दूसरी ओर, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय लिखित शिकायत देने की सलाह दी, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई। इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
Written By: Geeta Sharma