अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच राष्ट्र को संबोधित करते हुए कई बड़े दावे किए हैं, उन्होंने कहा कि अमेरिका और Israel के संयुक्त हमलों में Iran की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना था, और उन्होंने दावा किया कि यह मिशन अब लगभग पूरा हो चुका है।
अमेरिकी जनता में ईरान तनाव को लेकर असंतोष
यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल का ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। इस लंबे खिंचते संघर्ष को लेकर अमेरिकी जनता के बीच असंतोष भी बढ़ रहा है, साथ ही, ट्रंप प्रशासन के भीतर यह मुद्दा भी चर्चा में है कि क्या ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों को भेजा जाए या नहीं।
#WATCH देश को संबोधित करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "... हमारे दुश्मन अमेरिका में हार रहे हैं, जैसा कि मेरे राष्ट्रपति रहने के 5 साल से हो रहा है और अब वे पहले से कहीं ज़्यादा बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं।"
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2026
(सोर्स: अनरिस्ट्रिक्टेड पूल वाया रॉयटर्स) pic.twitter.com/1Od5K8Clwg
Karoline Leavitt ने कही ये बात
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने पहले ही घोषणा की थी कि राष्ट्रपति राष्ट्र को संबोधित कर एक महत्वपूर्ण अपडेट देंगे। संबोधन से पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व के बिना मिडिल ईस्ट की स्थिति अलग होती, उन्होंने अपने कार्यों को महान बताते हुए कहा कि वे दुनिया को अपने प्रयासों का पूरा विवरण देंगे।
सीजफायर को लेकर ट्रंप ने कही ये बात
सीजफायर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने युद्धविराम की इच्छा जताई है, लेकिन वहीं, Iran ने इस बात से साफ इनकार किया है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ट्रंप ने NATO को लेकर कही ये बात
ट्रंप ने NATO को लेकर भी बड़ा बयान दिया, उन्होंने कहा कि अमेरिका इस सैन्य गठबंधन से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर सकता है, खासकर तब जब सहयोगी देश ईरान के खिलाफ कार्रवाई में पूरी तरह समर्थन नहीं दे रहे हैं। इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अगर बातचीत फेल तो और बढ़ेगा तनाव: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता और अपनी सीमाओं के बाहर ताकत दिखाने की उसकी काबिलियत को खत्म करना था, उन्होंने कहा, “ये मुख्य रणनीतिक मकसद पूरे होने वाले हैं, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत फेल हो जाती है तो और तनाव बढ़ेगा और कहा, “अगले दो से तीन हफ्तों में, हम उन्हें स्टोन एज में वापस ले जाएंगे। अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट कर सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट के अब जल्द खुलने के आसार नहीं
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने के जिम्मेदारी अमेरिका की नहीं है। इस जलमार्ग को वो देश खुलवाएं जो इसे इस्तेमाल करते हैं। ट्रंप के इस भाषण से साफ है कि अब होर्मुज स्ट्रेट सामान्य दिनों की तरह से जल्द नहीं खुलने जा रहा है। वहीं ईरान अब होर्मुज स्ट्रेट में टोल वसूलने की तैयारी कर रहा है। इससे पड़ोसी यूएई, सऊदी अरब जैसे देशों की दिक्कतें कम नहीं होने जा रही हैं।
ईरानी नौसेना-वायुसेना खत्म: डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'आज रात, ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना तबाह हो चुकी है और उनके नेता- जिनमें से ज़्यादातर- और जिस आतंकवादी शासन का वे नेतृत्व करते थे, वे अब मारे जा चुके हैं। जब हम बात कर रहे हैं, ठीक उसी समय, 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' पर उनका कमांड और कंट्रोल पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है। मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की उनकी क्षमता में भारी कमी आई है और उनकी हथियारों की फ़ैक्टरियां तथा रॉकेट लॉन्चर टुकड़े-टुकड़े किए जा रहे हैं। युद्ध के इतिहास में पहले कभी किसी दुश्मन को, महज कुछ ही हफ़्तों के भीतर, इतने स्पष्ट और विनाशकारी बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं उठाना पड़ा है।
#WATCH राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "आज शाम जब हम बात कर रहे हैं, तो अमेरिका की सेना द्वारा 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किए हुए अभी सिर्फ़ एक महीना ही हुआ है; इस ऑपरेशन का लक्ष्य दुनिया का नंबर एक आतंकवाद-प्रायोजक देश—ईरान था। पिछले 4… pic.twitter.com/WEMMY6hgTa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2026
Written By Toshi Shah