अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और आभूषणों की गड़बड़ी को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट को घेर रहा है। इसी क्रम में शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि छोटे-छोटे आर्थिक मामलों में केंद्रीय एजेंसियां तुरंत कार्रवाई करती हैं, तो इतने बड़े कथित घोटाले पर चुप्पी क्यों साधी गई है।

'राम मंदिर में चोरी सुनियोजित और संगठित अपराध'

संजय राउत ने इस मामले को साधारण चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित अपराध बताया। उन्होंने दावा किया कि इस कथित डकैती में कई लोग शामिल हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग कर नए सिरे से व्यवस्था बनाई जाए। राउत ने यह भी आरोप लगाया कि केवल कुछ व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।

ED की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए

उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। राउत ने कहा कि छोटी रकम के मामलों में लोगों को गिरफ्तार कर लंबे समय तक जेल में रखा जाता है, लेकिन करोड़ों रुपये के कथित घोटाले और मंदिर की संपत्ति से जुड़े आरोपों पर एजेंसियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व से इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग भी की।

संजय राउत ने लगाएं ये गंभीर आरोप

संजय राउत ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीराम और माता सीता को अर्पित किए गए कई बहुमूल्य आभूषण गायब हैं। उनके अनुसार, सोने का मंगलसूत्र, कंगन, झुमके, अन्य स्वर्ण आभूषण तथा स्वर्ण रामचरितमानस जैसी मूल्यवान वस्तुओं का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

'राम रक्षा आंदोलन'

इसी विवाद के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई से "राम रक्षा आंदोलन" की शुरुआत की है। पार्टी का कहना है कि यह अभियान केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र सहित देशभर में मंदिरों की संपत्ति की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के उद्देश्य से चलाया जाएगा। आंदोलन की शुरुआत दादर में हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ हुई, जहां उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व समर्थकों से इस अभियान में शामिल होने का आह्वान किया। अब इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सभी की नजर संभावित जांच एवं आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Written By: Geeta Sharma