पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शनिवार (18 जुलाई) को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद सियासी माहौल और तेज हो गया। इस बीच अभिषेक बनर्जी ने पार्टी छोड़ चुके नेताओं और बागी गुट पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें खुली चुनौती दी, उन्होंने कहा कि जो नेता आज उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, वे यदि दोबारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी में लौट आते हैं, तो वह एक घंटे के भीतर पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।

कुछ नेता लगातार लगा रहे हैं व्यक्तिगत आरोप- अभिषेक बनर्जी

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी छोड़ने के बाद कुछ नेता लगातार उन पर व्यक्तिगत आरोप लगा रहे हैं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्होंने दावा किया कि ऐसे नेताओं की मंशा राजनीतिक नहीं बल्कि निजी हितों से प्रेरित है। उनके अनुसार, यदि इन नेताओं में वास्तव में टीएमसी और ममता बनर्जी के प्रति सम्मान है, तो उन्हें बिना किसी शर्त के वापस पार्टी में शामिल होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसा नहीं होगा, क्योंकि इन लोगों ने पहले ही भारतीय जनता पार्टी के साथ समझौता कर लिया है।

टीएमसी सांसद ने लगाए कई आरोप

टीएमसी सांसद ने केंद्रीय जांच एजेंसियों का भी जिक्र किया, उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या अन्य एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करने के बजाय राजनीतिक पाला बदल लेते हैं। उनका कहना था कि सत्ता पक्ष में शामिल होने के बाद वही लोग उनके खिलाफ बयान देकर खुद को सुरक्षित दिखाने की कोशिश करते हैं, उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया।

हर व्यक्ति को अपनी राजनीतिक राह चुनने का अधिकार- अभिषेक

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राजनीतिक राह चुनने का अधिकार है, लेकिन यदि कोई नेता जांच एजेंसियों के नोटिस मिलते ही पार्टी छोड़ देता है, तो यह उसके डर और कमजोर इरादों को दर्शाता है, उन्होंने कहा कि जो लोग संघर्ष करने का साहस रखते हैं, वे परिस्थितियों से भागते नहीं हैं। उनके शब्दों में, केवल डरे हुए लोग ही लड़ाई छोड़ते हैं।

मेरे खिलाफ 20 से 30 एफआईआर दर्ज - अभिषेक बनर्जी

अपने ऊपर लगे मामलों का उल्लेख करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्हें भी कई बार ईडी, सीबीआई, एसटीएफ और राज्य पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है, उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ 20 से 30 एफआईआर दर्ज हैं और उन्हें स्वयं भी सही संख्या की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज सभी मामलों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी जांच से बचने की कोशिश नहीं की और हमेशा कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है।

 

Written By Toshi Shah