पंजाब नगर निकाय चुनाव के नतीजे आज आने वाले हैं। बता दें कि शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। 8 नगर निगम, 75 नगर परिषद और 21 नगर पंचायतों के लिए सुबह 8 बजे से 115 काउंटिंग सेंटरों पर वोटों की गिनती जारी है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी इस चुनावी मुकाबले को 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। शुरुआती नतीजों में आम आदमी पार्टी ने विपक्षी दलों कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर बढ़त बनाकर खुद को सबसे मजबूत दावेदार साबित किया है।
309 वार्डों के नतीजे हुए घोषित
अब तक 1977 वार्डों में से 309 वार्डों के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं। इनमें आम आदमी पार्टी ने 158 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बढ़त बना ली है। कांग्रेस 48 सीटों के साथ दूसरे स्थान के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि शिरोमणि अकाली दल 44 सीटों पर जीत हासिल कर करीबी मुकाबले में बना हुआ है। बीजेपी को फिलहाल 5 सीटों पर सफलता मिली है, जबकि 54 सीटें निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों के खाते में गई हैं।
बरनाला नगर निगम में आप का मजबूत प्रदर्शन
बरनाला नगर निगम में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन मजबूत दिखाई दिया, जहां पार्टी ने 8 वार्डों में जीत हासिल की। बोहा में घोषित 4 सीटों में से 3 निर्दलीयों और 1 सीट AAP को मिली। बरेटा में भी निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रभाव देखने को मिला, जहां 5 घोषित सीटों में 4 निर्दलीय और 1 सीट AAP ने जीती। मानसा में घोषित दोनों सीटें आम आदमी पार्टी के खाते में गईं।
कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस ने हासिल की जीत
कपूरथला नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कांग्रेस उम्मीदवारों ने वार्ड नंबर 8 और 14 में जीत हासिल की, जबकि वार्ड नंबर 5 से AAP उम्मीदवार विजयी रहे।
अभी तक के आंकड़ों के हिसाब से आप सबसे आगे
ताजा आंकड़ों के अनुसार आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर लगभग पांच गुना ज्यादा जीत हासिल की है। अब तक के रुझानों में AAP 151 सीटों, कांग्रेस 39, शिरोमणि अकाली दल 38, बीजेपी 4 और अन्य उम्मीदवार 46 सीटों पर आगे या विजयी हैं।
ये परिणाम पंजाब के भविष्य की राजनीति का संकेत
इन चुनाव परिणामों को केवल स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इन्हें पंजाब के भविष्य की राजनीति का संकेत भी समझा जा रहा है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के लिए यह सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल के लिए यह अपनी राजनीतिक जमीन बचाने और मजबूत करने की बड़ी परीक्षा बन गया है।
Written By Toshi Shah