आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) के समर्थन में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनके विरोधियों ने झूठे प्रचार के जरिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच X पर मान का एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि ये वीडियो AI से जनरेट की गई है।
भगवंत मान ने कही ये बात
वीडियो में भगवंत मान कहते हैं कि जिस वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, वह वास्तविक नहीं है। उनका दावा है कि संबंधित फुटेज AI तकनीक से बनाई गई है और उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति न तो वे हैं और न ही उसकी शारीरिक बनावट उनसे मेल खाती है। मान के अनुसार, उन्होंने अकाल तख्त (Akal Takht) के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष भी रखा था, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली धार्मिक पदों पर बैठे लोग राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भ्रामक प्रचार कर रहे हैं और उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
rnभगवंत मान के अच्छे कामों से बौखला कर विरोधी उनको झूठ बोलकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ये वीडियो जरूर देखें। https://t.co/XRtIiXZaKV
rn— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 16, 2026
अकाल तख्त ने सीएम मान को ‘खालसा पंथ विरोधी’ किया घोषित
इस बीच, अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु द्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित करते हुए सिख समुदाय से उनसे दूरी बनाने का आह्वान किया है। यह निर्णय एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में मान के स्पष्टीकरण को अस्वीकार किए जाने के बाद लिया गया, साथ ही, अकाल तख्त ने धार्मिक बेअदबी से जुड़े प्रस्तावित कानून पर चर्चा के लिए 29 जून को पंजाब मंत्रिमंडल और सभी सिख विधायकों को, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से हों, तलब किया है।
‘पांच सिंह साहिबान’ की बैठक के बाद अकाल तख्त ने सुनाई ये आदेश
अमृतसर में आयोजित ‘पांच सिंह साहिबान’ की बैठक के बाद अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज (Giani Kuldeep Singh Gargaj) ने यह आदेश सुनाया। बैठक में विभिन्न सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, जहां धार्मिक बेअदबी से जुड़े प्रस्तावित कानूनों और पंथक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
Written By Toshi Shah