दिल्ली के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही महंगाई का एक और झटका लग सकता है। राजधानी में बिजली दरों में 1 प्रतिशत से लेकर 3.30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। यह वृद्धि फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) के माध्यम से लागू की जा सकती है, जिसे दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने मंजूरी दी है। हालांकि, इस बढ़ोतरी का असर सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से नहीं पड़ेगा।

FPPAS क्या है?

एक रिपोर्ट्स के अनुसार, DERC ने बिजली वितरण कंपनियों को बिजली खरीदने की बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए सरचार्ज बढ़ाने की अनुमति दी है। FPPAS एक अतिरिक्त शुल्क होता है, जिसे बिजली कंपनियां ईंधन और बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए लगाती हैं। अप्रैल 2026 के लिए इस सरचार्ज की सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी गई है।

अधिक बिजली इस्तेमाल करने वालों पर असर

राहत की बात यह है कि 0 से 200 यूनिट तथा 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर इस बढ़ोतरी का प्रभाव बहुत कम या लगभग नगण्य रहने की संभावना है। वहीं, 500 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर झेलना पड़ सकता है। ऐसे परिवारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मासिक बिजली बिल में अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है।

बिजली कंपनियों ने बढ़ते वित्तीय बोझ के चलते लिया फैसला

विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली उत्पादन में उपयोग होने वाले कोयले और अन्य ईंधनों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण बिजली खरीद लागत बढ़ी है। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में बनी अनिश्चितताओं ने भी ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ाया है। इसी वजह से बिजली कंपनियां अपने बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए FPPAS के तहत अतिरिक्त शुल्क वसूलना चाहती हैं।

घरेलू बजट में बदलाव करना पड़ सकता है

इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक प्रभाव पूर्वी और मध्य दिल्ली के उन उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है, जिन्हें बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है। यदि प्रस्तावित बढ़ोतरी पूरी तरह लागू होती है, तो अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अपने घरेलू और व्यावसायिक बजट में बदलाव करना पड़ सकता है।

Written By: Geeta Sharma