India-China WMCC Meeting: भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा तनाव को कम करने और रिश्तों में जमी बर्फ को पिघलाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। आपको बता दें कि राजधानी नई दिल्ली में 6 अगस्त को 'भारत-चीन सीमा मामलों पर बातचीत और समन्वय के लिए गठित वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन' (WMCC) की 36वीं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति बहाल करना और दोनों देशों के बीच गिरते विश्वास को फिर से मजबूत करना रहा।

LAC पर शांति और गलतफहमियों को दूर करने पर जोर
बता दें कि बैठक के दौरान दोनों देशों के राजनयिकों ने LAC के मौजूदा हालात की बारीकी से समीक्षा की। दोनों पक्षों ने एक सुर में स्वीकार किया कि भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सकारात्मक और संतुलित दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना पहली शर्त है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए तय हुआ कि सैन्य और राजनयिक स्तर के संवाद तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा। इसके तहत WMCC और स्थानीय कमांडर-स्तर की बैठकों के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई गई।

सीमा निर्धारण और प्रबंधन पर मंथन
24वीं विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ता के फैसलों को आधार बनाते हुए, दोनों पक्षों ने सीमा निर्धारण और सीमा प्रबंधन को मजबूत करने पर खुलकर चर्चा की। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि संस्थागत ढांचे को मजबूत बनाकर ही लंबे समय से लंबित सीमा विवादों का स्थाई और शांतिपूर्ण हल निकाला जा सकता है।

नदियों के डेटा और अपस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स पर भारत का कड़ा रुख
बैठक में भारत ने सीमा-पार नदियों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। भारतीय पक्ष ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच बने 'विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र' की बैठक जल्द से जल्द बुलाई जानी चाहिए। भारत ने स्पष्ट किया कि चीन द्वारा अपनी सीमा (अपस्ट्रीम) में चलाई जा रही जल परियोजनाओं की तकनीकी जानकारी समय पर साझा की जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और निचले इलाकों को किसी नुकसान की आशंका न रहे।

किन्होंने किया प्रतिनिधित्व?
इस कूटनीतिक बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया मामलों के संयुक्त सचिव सुजीत घोष ने की, जबकि चीनी दल का नेतृत्व वहां के विदेश मंत्रालय के सीमा और समुद्री मामलों के विभाग की महानिदेशक होउ यानची ने किया। सीमा पर तनाव घटाने और रिश्तों में स्थिरता लाने के लिहाज से इस 36वीं WMCC बैठक को एक बेहद सकारात्मक और ठोस कदम माना जा रहा है।

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Written By Shailesh Yadav