नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिका में SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने से लेकर मतदाता सूची से नाम हटाने के कारण सार्वजनिक करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने तक की 10 प्रमुख राहतें मांगी गई हैं।

राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले कांग्रेस की कानूनी टीम ने याचिका दाखिल की। निर्धारित समय सीमा तक राहुल गांधी अदालत नहीं पहुंच सके, इसलिए वकील एस. प्रसन्ना ने याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर यह मामला ‘Rahul Gandhi v. Election Commission of India’ के नाम से सूचीबद्ध किया गया है।

इससे पहले मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार करते हुए कहा था कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इंडिया ब्लॉक के मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेता शामिल हुए।

विपक्ष की प्रमुख राजनीतिक मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी है। राहुल गांधी की याचिका में क्या हैं 10 मांगें:

1. SIR से जुड़े सभी रिकॉर्ड अदालत में पेश किए जाएं

याचिका में चुनाव आयोग को SIR से संबंधित सभी फाइलें, समझौते, बैठक की कार्यवाही, रिकॉर्ड और आपत्तियों से जुड़े दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें ECINET और ERONET के एक्सेस लॉग तथा 24 जून 2025 को SIR शुरू करने के फैसले से जुड़ी फाइलों की नोटिंग भी शामिल है।

2. SIR से जुड़े फैसलों की संवैधानिक वैधता की जांच हो

याचिका में मांग की गई है कि SIR से जुड़े फैसलों की संवैधानिक और कानूनी वैधता की जांच की जाए। यह भी परखा जाए कि चुनाव आयोग के फैसले संविधान के अनुच्छेद 324 और मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 18 के अनुरूप हैं या नहीं। यदि कोई फैसला उचित कानूनी अधिकार के बिना लिया गया हो, तो उसे रद्द करने की मांग की गई है।

3. जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो

यदि मतदाता सूची तैयार करने या उसमें संशोधन के दौरान संवैधानिक अथवा कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई का भी उल्लेख है।

4. SIR से जुड़ी शिकायतों पर चुनाव आयोग फैसला करे

याचिका में चुनाव आयोग को संबंधित शिकायतों पर उचित निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही, SIR से संबंधित आयोग के सभी फैसलों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत लेने और उनका रिकॉर्ड रखने की बात कही गई है।

5. ऑनलाइन फॉर्म-6 निर्धारित नियमों के अनुरूप हो

याचिका में मांग की गई है कि ऑनलाइन फॉर्म-6 को पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित प्रारूप के अनुरूप बनाया जाए। नियमों में विधिवत संशोधन किए बिना निर्धारित प्रारूप से अलग बदलाव नहीं किए जाने चाहिए।

6. स्वतंत्र समिति से जांच और ऑडिट कराया जाए

राहुल गांधी की याचिका में सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की गई है। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है।

समिति से SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने और संशोधन की जांच, चुनावी डेटाबेस तक पहुंच तथा उसमें किए गए बदलावों का ऑडिट कराने की मांग की गई है। इसके अलावा EVM की तकनीकी संरचना, नीतियों और प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर विचार करने की बात कही गई है।

7. हटाए गए मतदाताओं के नाम और कारण सार्वजनिक हों

याचिका में मांग की गई है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए सभी नाम बूथवार सार्वजनिक किए जाएं। प्रत्येक नाम हटाने का कारण भी बताया जाए। इसके साथ ही हटाए गए मतदाताओं का लिंग और आयु के आधार पर वर्गीकरण तथा पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।

8. नोटिस और सुनवाई के बिना नाम न हटाए जाएं

याचिका में कहा गया है कि किसी भी मतदाता का नाम कानून के अनुसार नोटिस दिए बिना और सुनवाई का उचित अवसर प्रदान किए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। पंजाब और अन्य चुनावी राज्यों में पात्र नागरिकों को कानूनी कटऑफ तारीख तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर देने की भी मांग की गई है।

9. पूरे देश में SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगे

यह याचिका की सबसे अहम मांगों में से एक है। इसमें सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विचार और फैसला होने तक सभी राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई जाए। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा करना बताया गया है।

10. सुप्रीम कोर्ट उचित समझे तो अन्य आदेश भी जारी करे

याचिका में अदालत से मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अन्य आवश्यक आदेश पारित करने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा की जा सके।

SIR पर रोक और CEC के इस्तीफे की मांग से बढ़ा सियासी टकराव

राहुल गांधी की याचिका में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, चुनाव आयोग के फैसलों की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए हैं। विपक्ष ने जहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है, वहीं कानूनी स्तर पर SIR पर अंतरिम रोक, स्वतंत्र जांच और चुनावी रिकॉर्ड सार्वजनिक कराने जैसी राहतें मांगी हैं।

यह भी पढ़ें: किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला, बोले- संवैधानिक संस्थाओं का अपमान गलत