सुप्रीम कोर्ट में आज, 15 अक्टूबर को कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई होने वाली है। इनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के 13 नेताओं की ओर से चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर याचिका भी शामिल है। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ करेगी। इसके अलावा दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो और सड़कों को बंद किए जाने तथा सुप्रीम कोर्ट परिसर में नारेबाजी से जुड़े मामलों पर भी अदालत का ध्यान रहेगा।

चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर सुनवाई

राहुल गांधी समेत विपक्ष के 13 नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका पर आज सुनवाई प्रस्तावित है। इस मामले में अदालत के रुख और सुनवाई के दौरान होने वाली दलीलों पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर रहेगी।

पुलिस कार्रवाई का मामला

10 अक्टूबर को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इसी घटनाक्रम के दौरान मेट्रो सेवाओं और सड़कों को बंद किए जाने से जुड़े मुद्दे पर अवमानना याचिका भी दाखिल की गई है। इस मामले की सुनवाई भी चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ करेगी।

सुप्रीम कोर्ट परिसर में नारेबाजी को लेकर याचिका

राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के दौरान हंगामे और नारेबाजी का मामला भी अदालत तक पहुंच गया है। इस संबंध में दाखिल याचिका में संबंधित नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है, साथ ही, राजनीतिक गतिविधियों के लिए अदालत परिसर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई है। इस मामले में अदालत क्या रुख अपनाती है, यह सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

दस्तक संगठन ने राहुल गांधी को लिखा पत्र

सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम को लेकर डॉ. आंबेडकर सोसायटी फॉर थॉट्स, एक्शंस एंड कॉन्शसनेस यानी दस्तक संगठन ने राहुल गांधी को खुला पत्र लिखा है। संगठन ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी से देश की जनता, न्यायपालिका और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों में विश्वास रखने वाले लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की है।

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SIR के मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी की याचिका

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका पर भी आज सुनवाई होने की संभावना है। ओवैसी पहले भी SIR की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते रहे हैं। उनका आरोप है कि इसके जरिए पिछले दरवाजे से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना भी की है।