नई दिल्ली: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर वहां के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की गतिविधियां दोनों देशों के बीच प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा की योजना बनाने में एक प्रमुख चुनौती बनी हुई हैं।

कबीर के मुताबिक, बांग्लादेश और भारत के बीच शीर्ष स्तर की यात्रा के लिए ऐसा माहौल जरूरी है, जिसमें दोनों पक्ष आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में ढाका जल्दबाजी में प्रधानमंत्री की भारत यात्रा तय करने के पक्ष में नहीं है।

शेख हसीना का मुद्दा क्यों अहम?

शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं और तब से भारत में रह रही हैं। उनके भारत में रहने और वहां से दिए जाने वाले बयानों को लेकर बांग्लादेश की मौजूदा सरकार लगातार आपत्ति जताती रही है।

हुमायूं कबीर ने कहा कि भारत में हसीना की गतिविधियां दोनों देशों के संबंधों और प्रधानमंत्री की संभावित भारत यात्रा की योजना के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती हैं।

भारत यात्रा की तारीख अभी तय नहीं

बांग्लादेश सरकार की ओर से प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर अभी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। सितंबर में कबीर ने कहा था कि यात्रा के लिए अभी तारीख तय नहीं हुई है और सही माहौल बनने पर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की उपलब्धता के आधार पर तारीख तय की जाएगी। उन्होंने कहा था कि प्रस्तावित यात्रा आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर होनी चाहिए।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में हसीना फैक्टर

शेख हसीना का भारत में रहना भारत-बांग्लादेश संबंधों में संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार की ओर से हसीना को लेकर भारत के साथ लगातार चर्चा की जाती रही है। वहीं, भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, सीमा, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी हैं।

ऐसे में तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अगस्त में भी कबीर ने कहा था कि आपसी विश्वास और उपयुक्त माहौल बनने तक यात्रा की संभावना सीमित है।

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