नई दिल्ली: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और Form 6 को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। पात्रा ने कहा कि Form 6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इसे अवैध घोषित नहीं किया है और बिहार में SIR लागू करने का फैसला चुनाव आयोग का सर्वसम्मत निर्णय था। 

Form 6 पर क्या बोले संबित पात्रा?

संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने Form 6 को लेकर गलत दावा किया है। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 को अवैध नहीं बताया, बल्कि उस याचिका पर विचार करने की बात कही जिसमें फॉर्म में बदलाव किए जाने का आरोप लगाया गया है।

पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 के साथ जुड़े घोषणा पत्र को मान्यता दी है। पात्रा के अनुसार, अगर फॉर्म में किसी तरह के बदलाव का दावा है तो इसकी स्थिति आगे की न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगी। 

SIR पर भी राहुल गांधी के दावे को बताया गलत

बिहार में मतदाता सूची के SIR को लेकर भी संबित पात्रा ने राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह दावा सही नहीं है कि SIR को लेकर चुनाव आयोग का फैसला सर्वसम्मत नहीं था।

पात्रा के मुताबिक, बिहार में SIR से जुड़ा आदेश 24 जून 2025 को चुनाव आयोग ने सर्वसम्मति से पारित किया था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आयोग ने भी स्पष्टीकरण दिया है और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में इस मामले पर निर्णय दिया। 

‘दोनों मुद्दों पर जनता को गुमराह किया’

बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि Form 6 और SIR को लेकर राहुल गांधी के बयानों से लोगों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है। पात्रा ने कहा कि दोनों मुद्दों पर कांग्रेस नेता ने जनता को गुमराह करने की कोशिश की है।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने SIR के फैसले को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पात्रा ने दावा किया कि जिस समय बिहार में SIR से जुड़ा आदेश जारी हुआ था, उस समय तीनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। 

क्या है Form 6?

Form 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। मतदाता सूची से जुड़े इस फॉर्म को लेकर हालिया कानूनी और राजनीतिक बहस के बीच बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

वहीं, बिहार में Special Intensive Revision (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर भी लंबे समय से राजनीतिक बहस चल रही है। ऐसे में संबित पात्रा का ताजा बयान इस विवाद को फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ले आया है।

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