RSS Rally: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने संगठन के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 29 नवंबर 2026 को दिल्ली के रोहिणी (सेक्टर 23) ग्राउंड में एक विशाल समापन कार्यक्रम 'राष्ट्रवंदनम्' आयोजित करने जा रही है। इस ऐतिहासिक रैली में 1.5 लाख से लेकर करीब 2.25 लाख से अधिक लोगों और स्वयंसेवकों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
29 नवंबर 2026 को होगी बड़ी रैली
RSS के 100 वर्ष पूरे होने के खुशी में देश की राजधानी दिल्ली में 29 नवंबर 2026 को शताब्दी वर्ष का भव्य कार्यक्रम होने जा रहा है। इसके कार्यक्रम के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राष्ट्रवंदनम् नामक इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर के डेढ लाख से ज्यादा स्वयंसेवक गणवेश में शामिल होंगे, जबकि 50 हजार से अधिक प्रबुद्ध नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। RSS प्रमुख मोहन भागवत इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। शताब्दी वर्ष के दौरान संघ ने गृह संपर्क, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी जैसे अभियानों पर धार दिया जाएगा। संघ की शाखाओं की संख्या भी बढ़कर करीब 89 हजार तक पहुंच गई है।
रोहणी में बड़ा आयोजन
29 नवंबर को दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 23 में इसका आयोजन किया जा सकता है। हालांकि अभी जगह को लेकर किसी तरह की सही जानकारी नहीं मिली है, अभी इसे लेकर अंतिम फैंसला लिया जाएगा। एकत्रीकरण के इस कार्यक्रम में दिल्ली NCR के डेढ लाख से अधिक स्वयंसेवक गणवेश में उपस्थित रहेंगे। इनके अलावा 50 हजार से अधिक प्रबुद्ध वर्ग के गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया जा रहा है। RSS की दिल्ली इकाई ने इस विशाल कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी कमर कस ली है।
इस कार्यक्रम की प्रमुख योजना
शताब्दी वर्ष का भव्य समापन: यह रैली आरएसएस के साल भर से चल रहे शताब्दी वर्ष (100 साल पूरे होने) के उत्सवों का आधिकारिक समापन कार्यक्रम होगी।
मुख्य संबोधन: इस महा-एकत्रितिकरण को संघ प्रमुख (सरसंघचालक) मोहन भागवत संबोधित करेंगे, जहां वे भविष्य के लिए संघ का रोडमैप और प्राथमिकताएं सामने रख सकते हैं।
शामिल होने वाले लोग: मीडिया रिपोर्ट्स और NDTV के अनुसार, इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर से पूर्ण गणवेश (यूनिफॉर्म) में 1 लाख से अधिक स्वयंसेवक शामिल होंगे, जबकि 50,000 से अधिक प्रबुद्ध नागरिक और गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। कुछ अन्य स्थानीय अनुमानों के मुताबिक यह संख्या 2.25 लाख के पार भी जा सकती है।
डिजिटल व्यवस्था: इतने बड़े स्तर पर हो रहे आयोजन में प्रवेश और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ऐप और QR कोड की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्य एजेंडा और अभियान: शताब्दी वर्ष के दौरान संघ ने देश और दुनिया भर में गृह संपर्क, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक चेतना और स्वदेशी जैसे 'पंच परिवर्तन' अभियानों पर विशेष जोर दिया है, जिनकी झलक इस कार्यक्रम में देखने को मिलेगी।
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