दिल्ली: दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले लोगों के लिए सड़क यात्रा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बयान को लेकर चर्चा है कि दिल्ली से हरिद्वार का सफर महज 90 मिनट में पूरा हो सकेगा। अगर यह लक्ष्य हासिल होता है, तो दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिल सकती है।

मुख्य बातें

  • दिल्ली से हरिद्वार तक 90 मिनट में पहुंचने के दावे पर चर्चा।
  • नितिन गडकरी के बयान को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी।
  • बेहतर सड़क संपर्क से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को फायदा हो सकता है।

 

दिल्ली-हरिद्वार का सफर कैसे होगा आसान?

दिल्ली से हरिद्वार तक सड़क मार्ग से जाने में आमतौर पर कई घंटे लगते हैं। यात्रा का समय ट्रैफिक, चुने गए रास्ते और सड़क की स्थिति पर निर्भर करता है। वीकेंड, छुट्टियों और धार्मिक आयोजनों के दौरान इस मार्ग पर वाहनों का दबाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के विकास से यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से हरिद्वार के साथ ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

नितिन गडकरी ने सड़क परियोजनाओं के उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली से मेरठ पहुंचने में पहले साढ़े तीन घंटे लगते थे, लेकिन अब यह सफर 40 से 50 मिनट में पूरा हो जाता है। उन्होंने कहा, “हमने अभी दिल्ली से देहरादून के लिए नया मार्ग खोला है। पहले इसमें सात घंटे लगते थे, अब दो घंटे में पहुंच सकते हैं।”

सड़क निर्माण को प्राथमिकता दे रही सरकार: गडकरी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार देशभर में सड़क निर्माण पर ध्यान दे रही है। एक्सप्रेसवे और ग्रीन एक्सप्रेसवे के निर्माण से शहरों और पर्यटन स्थलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान रोजगार मिलता है और सीमेंट व स्टील जैसे निर्माण सामग्री की मांग भी बढ़ती है।

गडकरी ने बुनियादी ढांचे पर खर्च को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे पर खर्च किए गए 100 रुपये का अर्थव्यवस्था पर 325 रुपये का प्रभाव पड़ता है।

चारधाम सड़क परियोजना का 80-85% काम पूरा

गडकरी ने कहा कि बुनियादी ढांचे पर खर्च से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि चारधाम सड़क परियोजना का 80 से 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उनके मुताबिक, सड़क संपर्क बेहतर होने से दिल्ली से उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों तक आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है।

उन्होंने अयोध्या और महाराष्ट्र में चल रही सड़क परियोजनाओं का भी जिक्र किया। इनमें पंढरपुर पालखी मार्ग जैसी परियोजनाएं शामिल हैं, जिनसे श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

क्या अगले महीने से शुरू होगा एक्सप्रेसवे?

एक्सप्रेसवे के अगले महीने से शुरू होने की बात को लेकर अभी उद्घाटन की निश्चित तारीख, संबंधित परियोजना का नाम और चालू होने वाले हिस्से की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। केवल 90 मिनट में सफर के दावे के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि दिल्ली से हरिद्वार तक पूरा मार्ग अगले महीने से खुल जाएगा।

यात्रियों को क्या फायदा होगा?

यदि सड़क संपर्क बेहतर होता है, तो दिल्ली-NCR से हरिद्वार जाने वाले लोगों का यात्रा समय कम हो सकता है। इससे धार्मिक पर्यटन, होटल कारोबार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय सड़क की स्थिति, प्रवेश और निकास बिंदुओं तथा निर्धारित गति सीमा पर निर्भर करेगा।

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