Chhath Puja 2026: देश में त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में बारी-बारी से सभी पर्वों के उत्सवों की खास तैयारियां की जा रही है। प्रशासन ने भी इन त्योहारों के लिए पहले से ही अपनी कमर कस ली है। राजधानी दिल्ली में राजधानी में भी जहां Diwali की तैयारी हो चुकी हैं। तो वहीं अब आगामी त्योहार छठ पर्व की तैयारियों का खाका भी तैयार कर लिया है। ऐसे में आज सीएम रेखा गुप्ता ने भी छठ की तैयारियों का जायजा लिया।

उन्होंने संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों के साथ एक बैठकर कर सुविधा सुरक्षा,साफ सफाई के इंतजाम को लेकर निर्देश दिए हैं। सीएम ने 16 नवंबर को पब्लिक हॉलिडे का ऐलान भी कर दिया है। लेकिन प्रशासन और सरकार के सामने जनता का सीधा सवाल है कि क्या श्रद्धालुओं को छठ पर्व से पहले यमुना नदी साफ मिलेगी। या फिर इस बार फिर उन्हें मैली यमुना में ही सूर्य को अर्घ देना पड़ेगा।

सीएम ने लिया तैयारियों का जायजा

इस बार छठ पर्व मानाने वाले लोगों के लिए वैसे भी राहत की खबर है। क्योंकि सीएम रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि पूर्व में यमुना किनारे छठ मनाने वाले श्रद्धालुओं पर दर्ज किए गए सभी पुराने कानूनी मामले वापस लिए जाएंगे। घाटों पर साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल टीम, दमकल वाहन, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की जा रही है। विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित करने की योजना है। बैठक में अधिकारियों को तैयारियों का इस्पेक्शन करने की बात कही गई है। इस साल छठ पूजा के लिए पिछले साल से ज्यादा घाट बनाए जाएंगे।

कैबिनेट मंत्री भी हुए शामिल

सीएम ने अधिकारियों को त्योहार के 2 दिन पहले ही सभी तैयारियों को पूरा करने का निर्देश दिया है। कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, छठ पूजा कमेटी के प्रतिनिधि और MLA अभय वर्मा, चंदन कुमार चौधरी और संदीप सहवत और रेवेन्यू डिपार्टमेंट, दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, इरिगेशन और फ्लड कंट्रोल डिपार्टमेंट, फायर सर्विस और दूसरी संबंधित एजेंसियों के अधिकारी मीटिंग में शामिल हुए।

17 विशेष 'मॉडल घाट' बनाए जाएंगे

दिल्ली में छठ महापर्व (13 से 16 नवंबर 2026) को लेकर प्रशासन द्वारा खास इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन यमुना की सफाई को लेकर सरकार के दावों और ज़मीनी हकीकत पर अलग-अलग राय सामने आ रही है। 17 मॉडल घाट और प्राकृतिक घाट: यमुना के किनारे 17 विशेष 'मॉडल घाट' बनाए जा रहे हैं। जहां वीआईपी स्तर की सुविधाएं होंगी। इसके अलावा पल्ला से ओखला के बीच 23 बड़े प्राकृतिक घाट और करीब 1,300 कृत्रिम (आर्टिफिशियल) घाट भी तैयार किए जा रहे हैं। प्रमुख घाटों में सूर घाट, यमुना घाट ITO, निगमबोध घाट, वजीराबाद ब्रिज घाट, कालिंदी कुंज घाट और वासुदेव घाट शामिल हैं।

1,400 से ज़्यादा घाट बनाए जाने की उम्मीद

नवंबर में ठंड के मौसम की संभावना को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खास इंतजाम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मौसम पिछले साल से अलग है, और जहां भी ज़रूरत हो, बड़े और मीडियम साइज़ के घाटों पर काफ़ी ढके हुए टेंट लगाए जाने चाहिए। स्टेज के पीछे, मुख्य पूजा की जगह पर और दूसरी ज़रूरी जगहों पर भी टेंट लगाए जाने चाहिए। अधिकारियों को ज़रूरत के हिसाब से बड़े मॉडल घाटों पर और टेंट लगाने के निर्देश दिए गए।

संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मीटिंग में बताया कि इस साल छठ पूजा के लिए दिल्ली में 1,400 से ज़्यादा घाट बनाए जाने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल यह संख्या 1,326 थी। घाटों पर बेसिक तैयारी 6 नवंबर तक पूरी कर ली जाए, और सिर्फ़ पानी भरने, टेंट लगाने और फ़ाइनल सफ़ाई जैसे काम बाद के दिनों के लिए छोड़ दिए जाएं। साथ ही, ज़िला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने इलाकों में घाटों का रेगुलर इंस्पेक्शन करें और किसी भी कमी को मौके पर ही ठीक करें।

क्या श्रद्धालुओं को मिलेगी साफ यमुना?

दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा का दावा है कि 52 किलोमीटर लंबी यमुना के मुख्य हिस्से में कहीं भी झाग नहीं है और केवल उत्तर प्रदेश की सीमा के पास जहां पानी ऊंचाई से गिरता है, वहीं हल्का झाग नजर आ रहा है। सरकार का कहना है कि साफ-सुथरे और सुरक्षित घाट सुनिश्चित किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों द्वारा यमुना की सफाई और प्रदूषण के स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या त्योहारी सीजन से पहले नदी पूरी तरह स्वच्छ हो पाएगी।

महिलाओं के लिए हो टॉयलेट और चेंजिंग रूम की सुविधा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को महिलाओं के लिए सही टॉयलेट और चेंजिंग रूम पक्का करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह त्योहार पवित्रता से जुड़ा है और इन सुविधाओं पर खास ध्यान देने की ज़रूरत है। उन्होंने संबंधित विभागों को घाटों और आस-पास के इलाकों में साफ़-सफ़ाई बनाए रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शाम के अर्घ्य से पहले, रात में शाम की नमाज़ के बाद और सुबह के उषा अर्घ्य के तुरंत बाद सफ़ाई का इंतज़ाम होना चाहिए।

पुलिस अधिकारियों को दिए सीएम ने निर्देश

अधिकारियों को सभी बड़े और भीड़ वाले घाटों पर CCTV निगरानी पक्का करने का निर्देश दिया गया है और दिल्ली पुलिस, ज़िला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को तालमेल से काम करने का निर्देश दिया गया है। बड़े और बहुत भीड़ वाले घाटों के पास फायर टेंडर तैनात किए जाने चाहिए। गुप्ता ने ट्रैफिक पुलिस से लोकल ऑर्गनाइज़र के साथ कोऑर्डिनेट करने और जहां भी ज़रूरी हो, पार्किंग अरेंजमेंट, ट्रैफिक डायवर्जन और सड़क बंद होने के बारे में पहले से जानकारी शेयर करने को भी कहा।

साफ सफाई से लेकर रोशनी का हो प्रबंध

15 और 16 नवंबर को भारी भीड़ ज्यादा होगी। इसलिए सफ़ाई कर्मचारियों और दूसरी टीमों को चौबीसों घंटे एक्टिव रहना होगा। बड़े डस्टबिन लगाए जाने चाहिए। कचरा जमा होने का इंतज़ार करने के बजाय उसे लगातार हटाया जाना चाहिए। रास्तों पर गड्ढे, ढीले पत्थर, मलबा और दूसरी रुकावटें नहीं होनी चाहिए। सड़कों की मरम्मत और आस-पास धूल-मिट्टी से बचाने के लिए रेगुलर पानी का छिड़काव होना चाहिए।

सभी मौजूद स्प्रिंकलर और दूसरी मशीनरी का पूरा इस्तेमाल होना चाहिए। मशीनों को सिर्फ़ स्टैंडबाय पर रखने के बजाय, अधिकारियों को ज़रूरत के हिसाब से उन्हें लगातार इस्तेमाल करना चाहिए। घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर अच्छी रोशनी जरूर हो। कोई भी डार्क स्पॉट नहीं रहना चाहिए।

आ सकते हैं विदेशी राजदूत

इस साल छठ पर्व पर विदेशी राजदूतों और हाई कमिश्नरों को भी निमंत्रण दिया जाएगा। अधिकारियों को इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस के साथ मिलकर एक सही जगह ढूंढने और सुर घाट या किसी दूसरे सही, अच्छी तरह से तैयार घाट पर इवेंट करने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया गया है। 16 नवंबर को सुबह उषा अर्घ्य के बाद भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सोमवार, 16 नवंबर को पब्लिक हॉलिडे घोषित किया जाए।

बैनर और भीड़ मैनेजमेंट का इंतज़ाम

मीटिंग में त्योहार के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ी हुई भीड़ को मैनेज करने के लिए रेल मंत्रालय के साथ कोऑर्डिनेशन पर भी चर्चा हुई, खासकर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों के बीच। सीएम ने ने अधिकारियों को बस से यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा पर भी बराबर ध्यान देने का निर्देश दिया। ISBT पर ज़रूरी जानकारी, बैनर और भीड़ मैनेजमेंट का इंतज़ाम किया जाना चाहिए। ज़रूरत पड़ने पर सिविल डिफेंस के लोगों को भी तैनात किया जा सकता है।

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