नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना की क्षमता और उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के बीच भारतीय नौसेना देश की समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हालांकि, उन्होंने भविष्य में सामने आने वाली नई चुनौतियों को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत बताई।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की समुद्री सुरक्षा केवल देश की समुद्री सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री परिवहन से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में भारतीय नौसेना की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं।

भारत अपनी रक्षा जरूरतों को घरेलू स्तर पर पूरा करेगा

रक्षा मंत्री ने नौसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत लगातार अपनी रक्षा जरूरतों को घरेलू स्तर पर पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। युद्धपोतों और अन्य नौसैनिक प्लेटफॉर्म के स्वदेशी निर्माण से देश की रणनीतिक क्षमता मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में समुद्री क्षेत्र में तकनीक की भूमिका और बढ़ेगी। ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्षमताओं, मानवरहित प्रणालियों और आधुनिक निगरानी तकनीक जैसी नई चुनौतियां नौसेना के सामने होंगी। इनसे निपटने के लिए लगातार तकनीकी क्षमता बढ़ाना जरूरी है।

जवानों और अधिकारियों के योगदान की सराहना 

राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना के जवानों और अधिकारियों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि समुद्र में किसी भी आपात स्थिति या सुरक्षा चुनौती के दौरान नौसेना की तत्परता देश के लिए महत्वपूर्ण है।

रक्षा मंत्री के मुताबिक, भारत एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति के रूप में क्षेत्र में सहयोग और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नौसेना से भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियों और क्षमताओं को लगातार मजबूत करने का आह्वान किया।