जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आयोग को लेकर उठ रही चिंताएं सिर्फ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तक सीमित नहीं हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 8 से 10 वर्षों में चुनाव प्रक्रिया के कई पहलुओं ने ऐसी धारणा बनाई है कि चुनाव आयोग सत्ताधारी पार्टी की मदद कर रहा है।
प्रशांत किशोर ने कही ये बात
गुरुवार को बिहार के समस्तीपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि समाज का एक बड़ा वर्ग चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रहा है, उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव की तारीखों की घोषणा, आदर्श आचार संहिता लागू करने, पर्यवेक्षकों की तैनाती और मतगणना के दौरान होने वाली अनियमितताओं जैसे मुद्दों के कारण आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशांत किशोर ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को भी पद छोड़ देना चाहिए था, उन्होंने दावा किया कि रिटायरमेंट के तुरंत बाद राजीव कुमार को HDFC का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
INDIA गठबंधन ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
इस बीच, दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। INDIA गठबंधन के नेताओं ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और सत्याग्रह की भावना के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी रखने की बात कही। राजघाट पर मौजूद प्रमुख नेताओं में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल थे।
बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, बीजेपी ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनमें साहस है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए, उन्होंने कांग्रेस नेता पर ‘अराजक मानसिकता’ रखने का आरोप भी लगाया। फिलहाल INDIA गठबंधन ने अपने अगले कदम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। गठबंधन के नेताओं की ओर से शुक्रवार को आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दिए जाने की उम्मीद है। वहीं, दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज है।