नई दिल्ली: दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संभावित प्रदर्शनकारियों की पहचान करने के लिए डेटाबेस तैयार करने, फोन कॉल करने और लोगों के घरों तक पहुंचकर पूछताछ करने की खबर सामने आई है। यह प्रदर्शन कॉकroach जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया है।
फोन कॉल और घरों पर पहुंच रही पुलिस
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने की आशंका वाले छात्रों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पुलिस संपर्क कर रही है। कुछ लोगों के परिवारों से भी उनके दिल्ली जाने की योजना को लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। दिल्ली पहुंचने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।
सोशल मीडिया ग्रुप और यात्रा पर नजर
प्रदर्शन से पहले पुलिस की निगरानी केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, WhatsApp और Instagram के कम से कम 200 समूहों पर भी नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, दिल्ली आने वाले लोगों की यात्रा, बसों की बुकिंग और होटल-गेस्ट हाउस में ठहरने वालों की जानकारी जुटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने जुलाई में हुए पिछले CJP प्रदर्शन के दौरान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से पहचाने गए आपराधिक मामलों के आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी स्थिति अहम है। India Today की 9 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में कार्यक्रम के दिन जंतर-मंतर और नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी रहने की संभावना है।