नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने फ्लाईदुबई उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हवा में हुए कॉकपिट हमले की जांच के लिए मामला दर्ज किया है। इसके तहत जांच एजेंसी इस घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना की पड़ताल करेगी। मामले में विमान अपहरण विरोधी कानून और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के प्रावधान लागू किए गए हैं।

केंद्र सरकार के निर्देश पर NIA ने दर्ज किया मामला

दरअसल, केंद्र सरकार के निर्देश पर NIA ने 9 अक्टूबर को मामला दर्ज किया। अधिकारियों के अनुसार, घटना की गंभीरता और इसके राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रभावों को देखते हुए जांच एजेंसी को मामले की जिम्मेदारी दी गई है। मामले में विमान अपहरण विरोधी अधिनियम, 2016 की धारा 3 और UAPA की धारा 16 तथा धारा 15(1)(a) के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। जांच का प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि हमला आरोपी का व्यक्तिगत कृत्य था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश अथवा अन्य लोगों की भूमिका भी थी।

ओमानी सह-पायलट ने मच्छार पर कुल्हाड़ी से किया हमला

इस मामले कि जांच की बात 30 सितंबर को फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 पर मध्य हवा में अपहरण और दुर्घटना के प्रयास को विफल करने के बाद आया है, जब ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था। विमान को गिराने की कोशिश में ओमानी सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया।

अबू धाबी के अस्पताल में ठीक हो रहे कैप्टन मच्छार

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छर कॉकपिट के दरवाज़े को खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी चालक दल के सदस्यों को प्रवेश करने और हमलावर को रोकने की अनुमति मिली। टकराव के कारण तेजी से नीचे उतरना शुरू हो गया, अपहरण संकट संकेत प्रसारित होने से पहले विमान दो मिनट के भीतर लगभग 16,000 फीट नीचे गिर गया। बाद में विमान का मार्ग बदल दिया गया और सऊदी अरब के ताबुक में आपातकालीन लैंडिंग की गई, जिसमें सभी 180 यात्री बिना किसी चोट के विमान से उतर गए। घटना में गंभीर चोटों के बाद कैप्टन मच्छार वर्तमान में अबू धाबी के एक अस्पताल में ठीक हो रहे हैं।