नई दिल्ली: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए अपनी मानवीय सहायता बढ़ा दी है। भारत ने गुरुवार को नेपाल के लिए 37.5 टन की दूसरी खेप भेजी, जिसमें मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट शामिल हैं।
बाढ़ राहत एवं बचाव अभियान
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दूसरी खेप नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महावीर पुन को सौंपी गई। इसके साथ ही भारत की ओर से नेपाल भेजी गई कुल आपातकालीन सहायता 47.5 टन तक पहुंच गई है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और बाढ़ राहत एवं बचाव अभियान में लगातार सहयोग कर रहा है।
दो विमानों के जरिए भेजी मानवीय सहायता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने नेपाल के लिए दो विमानों के जरिए मानवीय सहायता भेजी है। इनमें दवाइयां और खाद्य सामग्री शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दोनों उड़ानों के जरिए कुल 8 टन दवाइयां और 1 टन खाद्य सामग्री भेजी गई है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी दूसरी राहत उड़ान रवाना होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए हरसंभव सहायता जारी रखेगा।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर समीक्षा बैठक
जयशंकर ने नेपाल में बाढ़ की स्थिति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विदेश सचिव विक्रम मिस्री, विदेश मंत्रालय की टीम और काठमांडू व बीजिंग में भारतीय दूतों के साथ समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की स्थिति और उनकी सुरक्षा की जानकारी जुटाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं।
इससे पहले बुधवार को भारत ने नेपाल को 10 टन HADR सहायता और जरूरी दवाइयां भेजी थीं। इसके बाद कुल राहत सामग्री 47.5 टन हो गई है।
भोटेकोशी नदी प्रणाली में आई भीषण बाढ़
नेपाल में भोटेकोशी नदी प्रणाली में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, रासुवा भोटेकोशी बाढ़ में अब तक 359 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 910 लोग अभी भी लापता या संपर्क से बाहर हैं।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लगातार खोज, बचाव और राहत अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार नेपाल प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में सहयोग कर रही है और प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार समन्वय बनाए हुए है।
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