पणजी (गोवा): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को गोवा में ‘हुतात्मा स्मृति स्मारक’ का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने गोवा मुक्ति आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि इन वीरों ने स्याही से नहीं, बल्कि अपने खून से भारत की आजादी का अंतिम अध्याय लिखा।

कार्यक्रम में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और केंद्रीय मंत्री श्रीपद येसो नाईक भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह ने कहा कि गोवा पर कई शक्तिशाली राजवंशों ने शासन किया, लेकिन बाद में यह पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन के अधीन आ गया। उन्होंने कहा कि कोई भी स्वतंत्र समाज लंबे समय तक गुलामी स्वीकार नहीं कर सकता।

भारत एक जीवंत और मजबूत राष्ट्र

रक्षा मंत्री ने कहा कि गोवा की आजादी के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग आगे आए और उन्होंने साबित किया कि भारत एक जीवंत और मजबूत राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भारत की एकता और अखंडता पर बुरी नजर डालेगा तो उसे करारा जवाब मिलेगा।

गोवा की आजादी के लिए संघर्ष

राजनाथ सिंह ने गोवा मुक्ति आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों को याद करते हुए कहा कि पंजाब के करनैल सिंह, मध्य प्रदेश की सहोदरा देवी और महाराष्ट्र के मधुकर दामोदर चौधरी जैसे हजारों लोगों ने गोवा को आजाद कराने के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने कहा कि करीब 2,500 सत्याग्रही पत्रादेवी पहुंचे थे और उन्हें पता था कि वहां मौत का सामना करना पड़ सकता है, फिर भी वे पीछे नहीं हटे। राजनाथ सिंह ने बताया कि सहोदरा देवी ने गोली लगने के बाद भी तिरंगे को नहीं छोड़ा। वहीं, करनैल सिंह बेनिपाल ने पुर्तगाली सैनिकों के सामने डटकर मुकाबला किया और देश के लिए अपना बलिदान दिया।

राष्ट्रीय एकता सबसे ऊपर है

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज जब देश में क्षेत्रवाद और जातिवाद पर चर्चा होती है, तब हमें याद रखना चाहिए कि राष्ट्रीय एकता सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि भारत को जोड़ने वाली सबसे बड़ी पहचान सिर्फ भारतीय होने की है।

संविधान और कानूनों का सम्मान करें

उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे देश के संविधान और कानूनों का सम्मान करें, जिन्हें स्वतंत्रता सेनानियों ने सुरक्षित भविष्य के लिए दिया है। उन्होंने युवाओं से हुतात्मा स्मृति स्मारक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि देने की अपील की।

राजनाथ सिंह ने कहा कि युवा सिर्फ स्मारक पर सेल्फी लेने तक सीमित न रहें, बल्कि यहां से यह संकल्प लेकर जाएं कि जिन वीरों ने भारत को आजाद कराया, उस भारत को और अधिक विकसित और समृद्ध बनाना है।

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