चंडीगढ़: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में हुए ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर दर्ज एफआईआर के विरोध में पंजाब और हरियाणा कांग्रेस के नेताओं ने मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद कुछ लोगों ने पार्क का शुद्धिकरण किए थे। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी इस मुद्दे को संसद में भी उठाया था।
पंजाब-हरियाणा कांग्रेस का प्रदर्शन
प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राज कुमार वेरका समेत कई नेता शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया।
उत्तराखंड के हल्द्वानी सिटी कोतवाली पुलिस ने हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी के संबंध में शिकायत मिलने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अनुसूचित जाति से संबंधित एक व्यक्ति की भावनाएं आहत हुईं।
पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राज कुमार वेरका ने प्रदर्शन के दौरान कहा, “यह बीजेपी का बदसूरत चेहरा है। जिस तरह दलितों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है, यह लड़ाई जारी रहेगी।”
हुड्डा बोले- एफआईआर शुद्धिकरण करने वालों पर होनी चाहिए थी
कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि एफआईआर राहुल गांधी के बजाय उन लोगों के खिलाफ दर्ज होनी चाहिए थी, जिन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किया था।
हुड्डा ने कहा, “राहुल गांधी ने कहा था कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। लेकिन उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह गलत है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से बीजेपी और उसके नेताओं की दलित विरोधी मानसिकता सामने आती है। हुड्डा ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में आक्रोश है।
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि देश में बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जो दलित समुदाय से आते हैं, ने हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था और इसके बाद बीजेपी के लोगों ने वहां कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किया।
भुक्कल ने सवाल उठाया कि क्या दलितों, गरीबों और युवाओं की आवाज उठाना अब देश में अपराध हो गया है। उन्होंने कहा कि आज अगर कोई प्रभावी तरीके से विपक्ष की भूमिका निभा रहा है तो वह राहुल गांधी हैं।
हरीश रावत ने कहा- ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’
दिल्ली में कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इस मामले को ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसा बताया। रावत ने कहा, “यह सिर्फ एफआईआर का मामला नहीं है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। यह भारत के संविधान और SC/ST एक्ट पर हमला है।”
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वही बात दोहराई है जो संविधान और SC/ST एक्ट में कही गई है। रावत ने आरोप लगाया कि एफआईआर उन लोगों के खिलाफ दर्ज होनी चाहिए थी, जिन्होंने कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ की कोशिश की।
वाल्मीकि समुदाय के व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
पुलिस के अनुसार, शिकायत हल्द्वानी की जवाहर नगर कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय अमित कुमार ने दर्ज कराई है। अमित कुमार वाल्मीकि समुदाय से हैं और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नामक संगठन के पदाधिकारी हैं।
एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(r) और 3(1)(u) लगाई गई हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196 के तहत विभिन्न समूहों के बीच धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास या भाषा आदि के आधार पर वैमनस्य को बढ़ावा देने से संबंधित प्रावधान का भी उल्लेख किया गया है।
एफआईआर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 199 का भी उल्लेख है, जो क्षेत्राधिकार से संबंधित है। शिकायतकर्ता अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जो टिप्पणी की, उससे अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।
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