नई दिल्ली: दिल्ली में DTC बस चालकों की हड़ताल लगभग 5 दिनों से चल रही हैं जिसका असर अब राजधानी के सार्वजनिक परिवहन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बसों की सेवा प्रभावित होने लगी है तो वही इस बीच बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली मेट्रो की ओर जा रहे है। जिससे मेट्रो में भी भीड़ बढ़ने लगी है और यात्रिओं को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है। वही इसका असर मेट्रो की सवारी के आंकड़ों पर भी दिख रहा है। जिसके चलते दिल्ली मेट्रो ने एक दिन में अब तक की सबसे ज्यादा पैसेंजर बोर्डिंग दर्ज की।

82.44 लाख यात्रियों ने किया मेट्रो का इस्तेमाल

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के मुताबिक, 17 सितंबर को मेट्रो नेटवर्क पर 82,44,903 पैसेंजर बोर्डिंग दर्ज हुईं। यह मेट्रो के इतिहास में किसी एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे एक दिन पहले 16 सितंबर को 80,71,630 बोर्डिंग दर्ज हुई थीं। यानी सिर्फ एक दिन में संख्या 1,73,273 बढ़ गई।

यह रिकॉर्ड ऐसे समय बना है जब DTC बस चालकों की हड़ताल के कारण दिल्ली में बस सेवाएं प्रभावित चल रही हैं। हड़ताल में वेतन, ओवरटाइम भुगतान और मेडिकल सुविधाओं समेत कई मांगें उठाई गई हैं।

Yellow Line पर सबसे ज्यादा भीड़

मेट्रो की अलग-अलग लाइनों में Yellow Line पर सबसे ज्यादा पैसेंजर बोर्डिंग दर्ज हुई। DMRC के आंकड़ों के अनुसार, इस लाइन पर 20,89,465 बोर्डिंग हुईं। इसके बाद Blue Line पर 17,28,658, Pink Line पर 9,41,527 और Red Line पर 8,80,059 बोर्डिंग दर्ज की गईं।
यानी बसों की सेवा प्रभावित होने के बाद यात्रियों के लिए मेट्रो प्रमुख वैकल्पिक सार्वजनिक परिवहन बनी और कई रूट पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिला।

भीड़ संभालने के लिए बढ़ाई गईं ट्रेनें

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए DMRC ने पहले ही अतिरिक्त इंतजाम शुरू कर दिए थे। 16 सितंबर को मेट्रो नेटवर्क पर 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप बढ़ाई गईं। इसके अलावा जरूरत के हिसाब से 8 अतिरिक्त ट्रेनें भी चलाई गईं। इनका मकसद खास तौर पर पीक आवर्स में बढ़ी भीड़ को संभालना था। DMRC ने यात्रियों से भीड़ वाले समय को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी थी।

पुराना रिकॉर्ड भी टूटा

17 सितंबर का आंकड़ा सिर्फ एक दिन पहले के रिकॉर्ड से ही आगे नहीं निकला, बल्कि दिल्ली मेट्रो के पिछले सबसे बड़े दैनिक आंकड़े को भी पीछे छोड़ गया। इससे पहले 2025 में 81 लाख से ज्यादा पैसेंजर बोर्डिंग का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।

DTC बस सेवाओं में व्यवधान के बीच मेट्रो पर बढ़ा यह दबाव दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क की आपसी निर्भरता को भी दिखाता है। अगर बस सेवा लंबे समय तक प्रभावित रहती है, तो मेट्रो, ऑटो, कैब और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों पर यात्रियों का दबाव बढ़ सकता है।

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