मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ड्रग्स तस्करी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच की शुरुआत मुंबई के न्हावा शेवा स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन से हुई थी, जहां सऊदी अरब भेजी जा रही मक्के की खेप में करीब 55.860 किलो मिथाइल एम्फेटामाइन बरामद किया गया था। DRI की जांच में इस खेप का कनेक्शन मुजफ्फरपुर से सामने आया, जिसके बाद टीम ने यहां कार्रवाई की।
मक्के के दानों के बीच छिपाकर रखा गया था नशीला पदार्थ
DRI के मुताबिक, 16 अगस्त को न्हावा शेवा के कंटेनर फ्रेट स्टेशन पर एक एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट की जांच की जा रही थी। इस दौरान अधिकारियों को मक्के के दानों के बीच सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ छिपा मिला। जांच में इसकी पहचान मिथाइल एम्फेटामाइन के तौर पर हुई। कुल बरामदगी 55.860 किलो बताई गई है।
यह खेप सऊदी अरब के जेद्दा भेजी जानी थी। यानी सामान्य कृषि उत्पाद की आड़ में नशीले पदार्थ को विदेश भेजने की कोशिश की जा रही थी। DRI ने खेप को जब्त करने के बाद उससे जुड़े लोगों और सप्लाई चेन की जांच शुरू की।
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से मुजफ्फरपुर तक पहुंची जांच
मुंबई में बरामदगी के बाद जांच केवल एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट तक सीमित नहीं रही। अधिकारियों ने खेप की खरीद, उसे रखने, पैकिंग और लोडिंग से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई। तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की कड़ी बिहार के मुजफ्फरपुर तक पहुंची।
इसके बाद DRI की टीम ने 17 सितंबर को मुजफ्फरपुर के बोचहां इलाके में कार्रवाई की। टीम ने मोहम्मद बासिर हवारी उर्फ फरहान को गिरफ्तार किया। स्थानीय पुलिस की मदद से की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को मुजफ्फरपुर की अदालत में पेश किया गया।
48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले गई DRI
अदालत ने आरोपी को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाने की अनुमति दी। इसके बाद DRI उसे महाराष्ट्र ले गई, जहां मामले की आगे की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे मक्के की खेप में किस स्तर पर छिपाया गया। इसके अलावा एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी जांच
मामले की जांच में विदेश में मौजूद लोगों से कथित संपर्क की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन संपर्कों और आरोपी की भूमिका को लेकर सामने आए दावों की जांच अभी जारी है। परिवार की ओर से आरोपी पर लगे आरोपों से इनकार किए जाने की बात भी स्थानीय रिपोर्टों में सामने आई है। ऐसे में मामले की पूरी तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।
DRI के अनुसार, यह कार्रवाई सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। एजेंसी ने बताया है कि हाल की कई कार्रवाइयों में करीब 150 किलो एम्फेटामाइन-टाइप स्टिमुलेंट श्रेणी के ड्रग्स जब्त किए गए हैं, जिसमें सऊदी अरब जाने वाली मक्के की खेप से बरामद 55.86 किलो मेथामफेटामाइन भी शामिल है।
यह भी पढ़ें: राहुल गाँधी के गढ़ रायबरेली में BJP ने बदली रणनीति, राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को संगठन की कमान