वाराणसी में यूपी एटीएस की टीम के साथ हुई मुठभेड़ में प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमिटी (TPC) के कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ रामनगर थाना क्षेत्र में लंका मैदान के नजदीक सुबह के वक्त हुई।

पुलिस ने किया जवाबी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, बृजेश गंझू अपने एक सहयोगी के साथ मोटरसाइकिल से टेंगरा मोड़ की तरफ से मुगलसराय जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि पुलिस को देखते ही वह बाइक से उतरकर जवानों पर गोली चलाने लगा। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बृजेश को गोली लगी।

गोली लगने के बाद अस्पताल में बृजेश गंझू ने तोड़ा दम

गोली लगने के बाद घायल बृजेश गंझू को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं। दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित बताए गए हैं।

झारखंड पुलिस ने भी की मौत की पुष्टि

झारखंड पुलिस के आईजी ऑपरेशन्स एवं प्रवक्ता नरेंद्र सिंह ने बताया कि आईजी एसटीएफ से प्राप्त सूचना के अनुसार, वाराणसी में सुबह हुई कार्रवाई के दौरान बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह को मार गिराया गया।

झारखंड में TPC का प्रमुख था बृजेश गंझू

पुलिस के मुताबिक, बृजेश गंझू प्रतिबंधित संगठन तृतीय प्रस्तुति कमिटी (TPC) का प्रमुख था और झारखंड में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी उसे विभिन्न मामलों में वांछित घोषित किया था।

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बृजेश गंझू पर था 30 लाख रुपये का इनाम

बृजेश गंझू की गिरफ्तारी या सूचना देने पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर रखी थी। इसके अलावा एनआईए की ओर से उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह उसकी जानकारी देने वाले के लिए कुल 30 लाख रुपये का इनाम तय था।